NPCI की ओर से बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के ऐलान के बाद बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में करीब 1 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, फिनटेक कंपनियों के शेयरों में बड़ा उछाल आया है। Paytm और One MobiKwik Systems के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली।Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications का शेयर 4.62% चढ़कर ₹1,810 और One MobiKwik Systems का शेयर 4.71% बढ़कर ₹210.32 पर पहुंच गया। बाद के कारोबार में Paytm की तेजी 7% से ऊपर भी चली गई।
बाजार की प्रतिक्रिया की बड़ी वजह 15 अक्टूबर, 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI टांजैक्शन पर 0.4% तक MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे ज्यादा के पात्र ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी। वहीं ₹2,000 तक के P2M ट्रांजैक्शन पर शून्य MDR और P2P UPI पेमेंट पर भी कोई चार्ज नहीं होगा।
Paytm को कैसे होगा फायदा?
Paytm ने मंगलवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि MDR फ्रेमवर्क से उसके मर्चेंट बिजनेस को उन ट्रांजैक्शन से अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है, जो अब तक फ्री थे। कंपनी ने साथ ही स्पष्ट किया कि NPCI सर्कुलर के मुताबिक UPI पेमेंट के लिए कस्टमर से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी नए फ्रेमवर्क का संभावित रेवेन्यू कस्टमर की जगह पेमेंट इकोसिस्टम में मर्चंट की तरफ से आएगा। इसी वजह से फिनटेक कंपनियों के लिए UPI बिजनेस का मॉनेटाइजेशन एंगल बाजार के फोकस में आया है।
| कंपनी | सेक्टर | आज की तेजी/गिरावट | UPI MDR से संभावित कनेक्शन |
|---|---|---|---|
| Paytm (One97 Communications) | Fintech | +7% तक | Merchant payments से अतिरिक्त revenue की संभावना |
| One MobiKwik Systems | Fintech | +6% तक | UPI merchant transactions के monetisation से संभावित फायदा |
| YES Bank | Banking | +4% तक | UPI ecosystem में issuer/PSP भूमिका से संभावित फायदा |
| Pine Labs | Fintech | -6% तक | MDR framework के बावजूद बाजार में शुरुआती कमजोरी |
| CMS Info Systems | Fintech/Payments Infrastructure | +7% तक | Digital-payment ecosystem से जुड़ी infrastructure opportunity |
ब्रोकरेज ने क्या गणित लगाया?
JM Financial ने कहा कि 40 आधार अंक यानी 0.4% MDR उसके पहले के 25 आधार अंक के अनुमान से ज्यादा है। हालांकि, फ्रेमवर्क में छूट ज्यादा होने के कारण उसने पात्र GMV का अनुमान 30% से घटाकर 20% कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक Paytm के लिए FY27 में ₹210 करोड़ और FY28 में ₹470 करोड़ का इक्रीमेंटल रेवेन्यू मिल सकता है। वहीं, Citi ने अनुमान लगाया कि नए MDR फ्रेमवर्क से पूरे बैंकिंग इकोसिस्टम के लिए सालाना करीब ₹16,000-17,000 करोड़ का नया रेवेन्यू पूल बन सकता है। Citi के मुताबिक करीब 96% P2M वॉल्यूम फ्री रहेंगे। लेकिन, फिर भी रेवेन्यू बढ़ेगा। इसी तरह JPMorgan ने इसे UPI के पुराने जीरो MDR मॉडल से हटकर ट्रांजैक्शन लिंक्ड रेवेन्यू मॉडल की तरफ बड़ा बदलाव बताया है।
क्यों आम UPI यूजन नहीं होगा बड़ा असर?
नए नियमों के मुताबिक 2000 तक के UPI ट्राजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाना है। वहीं, ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर जो चार्ज लिया जाएगा, उसे मर्चेंट को भुगतना होगा। इस तरह करीब 96% लेनदेन मुफ्त बने रहेंगे। लेकिन, हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन से फिनटेक कंपनियों को फायदा होगा, क्योंकि NPCI के मुताबिक MDR में बैंकों के साथ ही इन कंपनियों को भी हिस्सा मिलेगा।
