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राम आएंगे...अयोध्या में कैसे होगी प्राण-प्रतिष्ठा, 15 से 22 जनवरी तक क्या-क्या होगा; सब जानिए

  • Edited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 1, 2024, 11:22 AM IST

Ram Mandir Inauguration: 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले 15 जनवरी से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इस दौरान मूर्ति का नगर भ्रमण, स्नान व अन्य कार्यक्रम होंगे।

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राम मंदिर

Photo : Twitter

Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के साथ-साथ राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे। हालांकि, मुख्य कार्यक्रम से पहले 15 जनवरी से ही अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि भगवान राम की तीन मूर्तियां बनाई गई हैं। हालांकि, एक ही मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।

पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया, प्राण प्रतिष्ठा से पहले मूर्ति का नगर भ्रमण होगा। इसके बाद मूर्ति का सरयू में स्नान होगा। 15 जनवरी से अनुष्ठान शुरू कर दिए जाएंगे। जो पंडित इसमें शामिल होंगे, पहले उनका प्रायश्चित होगा। प्रधानमंत्री मोदी 22 को अयोध्या आएंगे, उस दिन मुख्य अनुष्ठान होगा।

प्राण-प्रतिष्ठा से पहले होंगे ये कार्यक्रम

मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार, प्राण-प्रतिष्ठा से पहले देवी-देवताओं की पूजा, उनका अनुष्ठान होगा। सभी ग्रहों और दिशाओं की पूजा होगी। यह सारे कार्यक्रम पहले से शुरू हो जाएंगे फिर उसके बाद अंत में प्राण प्रतिष्ठा होगी। उन्होंने बताया, मुख्य मूर्ति का नगर भ्रमण होगा। इस दौरान कई जगहों पर मूर्ति रखी जाएगी। मूर्ति को औषधि, दूध, अनाज और जल में रखा जाएगा। इसके बाद जल से निकाल कर उसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

आम जनता के लिए 26 के बाद शुरू हो सकते हैं दर्शन

पुजारी ने बताया आम जनता के लिए 23 जनवरी से मंदिर के दर्शन मुश्किल हैं। उन्होंने बताया, 22 जनवरी को 4000 संत व वीआईपी आएंगे। पहले उनको दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन पहले दिन नहीं हो पाए तो उसे अन्य दिनों के कराया जाएगा। इसके बाद ही आम जनता को प्रवेश मिल सकेगा। उन्होंने बताया, भगवान के दर्शन के लिए कुछ दूरी निर्धारित की गई है जो 20 मीटर या इससे कम होगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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