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PM के हाथों नहीं हुआ था हादसे वाले टर्मिनल का उद्घाटन, उड्डयन मंत्री बोले-मौका देख राजनीति करना ठीक नहीं

Delhi Terminal-1 Incident: टर्मिनल-1 पर केवल इंडिगो और स्पाइसजेट विमानन कंपनियों की घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं। हवाई अड्डे पर तीन टर्मिनल - टी-1, टी-2 और टी-3 हैं, जो प्रतिदिन लगभग 1,400 उड़ानों का संचालन करते हैं। हवाई अड्डा संचालक ‘दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (डायल) के मुताबिक, टी-1 पर सुबह 10:30 बजे तक उड़ानों का आगमन जारी रहा।

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टर्मिनल-1 पर शुक्रवार तड़के हुआ हादसा।

KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर शुक्रवार तड़के हुआ हादसा
  • इस हादसे में एक कैब चालक की मौत हो गई, 6 अन्य घायल हु
  • सरकार मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए का मुआवजा देगी

Delhi Terminal-1 Incident: दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर शुक्रवार तड़के हुए हादसे पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष के इन हमलों का जवाब केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारपु ने दिया है। उड्डयन मंत्री ने कहा है कि इस हादसे पर विपक्ष राजनीति करना चाहता है जो कि दुखद है। विपक्ष का दावा है कि हादसे वाले टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था जो कि फर्जी बात है। विपक्ष झूठ फैला रहा है। पीएम ने जिस टर्मिनल का उद्घाटन किया वह दूसरी इमारत में है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। टर्मिनल-1 के जिस हिस्से की छत गिरी, उसका उद्घाटन 2009 में हुआ था। यह 15 साल पुरानी इमारत है। किंजारपु ने कहा कि मौका देखकर सरकार पर आरोप लगाना अच्छी बात नहीं है।

उड्डयन मंत्री किंजारपु ने दी सफाई

उड्डयन मंत्री ने कहा कि दुर्भाग्यवश इस हादसे में एक व्यक्ति की जान गई है। सरकार मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए और घायलों को तीन लाख रुपए का मुआवजा देगी। उन्होंने आगे कहा, ' हादसे के बाद हमने हालात पर काबू पा लिया है। टर्मिनल-1 परिचानल के लिए पूरी तरह से बंद है। यहां से होने वाली सभी उड़ानें अब टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 से हो रही हैं। जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं उन्हें या तो पैसे लौटाए जा रहे हैं या उन्हें दूसरी फ्लाइट दी जा रही है।'

सभी एयरपोर्ट की इमारतों की जांच

मंत्री ने कहा, 'यात्रियों को टिकट का पैसा 7 दिनों के भीतर लौटाने के लिए हम एयरलाइन को सर्कुलर जारी करेंगे। टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 पर हमने वॉर रूम बनाए है। साथ ही हमने एयरलाइनों को किराया नहीं बढ़ाने के लिए कहा है। इस तरह के हादसे को टालने के लिए हम आईआईटी दिल्ली के संरचना विभाग की स्पेशल टीम का सहयोग ले रहे हैं। ये टीम निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हम सभी एयरपोर्ट के ढांचों का निरीक्षण करा रहे हैं। हमें सभी एयरपोर्ट की रिपोर्ट दो से पांच दिनों में मिल जाएगी।'

हादसे में कैब चालक की हुई मौत

बता दें कि शुक्रवार तड़के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा वहां खड़ी कारों पर गिर पड़ा, जिससे एक कैब चालक की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान रोहिणी के रहने वाले रमेश कुमार (45) के रूप में हुई है। नागर विमानन मंत्री ने टर्मिनल-1 पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सपोर्ट बीम भी गिर गए

अधिकारियों ने बताया कि छत के अलावा सहारा देने के लिए लगाए गए खंभे (सपोर्ट बीम) भी गिर गए, जिससे टर्मिनल के ‘पिक-अप और ड्रॉप एरिया’ में खड़ी कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। ‘पिक-अप और ड्रॉप एरिया’ वह भाग है, जहां यात्रियों को लाने-ले जाने वाले वाहन खड़े होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को हवाई अड्डे के पास स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि रमेश कुमार को उस कार से निकाला गया था, जिस पर लोहे का बीम गिरा था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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