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Earthquake : भूकंप के झटकों से कांपी अंडमान की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.5 रही तीव्रता

Earthquake in Andaman Sea: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अंडमान सागर में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके रात में करीब 10:46 पर महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अक्षांश 10.25 और देशांतर 93.82 पर 10 किमी की गहराई पर पाया गया।

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अंडमान में शुक्रवार रात महसूस किए गए भूकंप के झटके।

KEY HIGHLIGHTS
  • रात 10 बजकर 46 मिनट पर अंडमान में महसूस किए गए भूकंप के झटके
  • नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.5 थी
  • भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान होने की कोई खबर नहीं है

Earthquake in Andaman Sea: अंडमान सागर में रविवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूगर्भ विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई। रात 10 बजकर 46 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। एनसीएस के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप से किसी तरह के जान एवं माल की नुकसान होने की खबर नहीं है।

रात करीब 11.32 बजे महसूस किए गए झटके

इससे पहले गत मार्च में अंडमान में भूकंप के झटके महसूस किए गइ। इस भूकंप की तीव्रता 4.2 थी। इस भूकंप के झटके भी रात करीब 11.32 बजे महसूस किए गए। एनसीएस के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र जमीन से 67 किलोमीटर की गहराई पर था।

बता दें कि अंडमान द्वीपों का एक समूह है। इस क्षेत्र में छोटे-बड़े 572 द्वीप हैं। इनमें से 38 द्वीपों पर लोग बसे हुए हैं। इससे पहले नवंबर महीने में भी अंडमान निकोबार में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 19 नवंबर को अंडमान निकोबार में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था. उस दौरान भी किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई थी।

इसलिए आते हैं भूकंप

पृथ्वी की निर्माण कई तरह की परतों से हुआ है। मोटे तौर पर पृथ्वी में चार प्रकार की परते पाई जाती हैं। ये परते हैं इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू हो जाता है। जब ये प्लेट्स अपने स्थान से खिसकती हैं या उनमें किसी तरह की हलचल होती है तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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