Rajasthan Congress Crisis: राजस्थान कांग्रेस में जारी कलक को खत्म करने में कांग्रेस नेतृत्व अब पूरी तरह से एक्टिव दिख रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खुद इस मामले पर एक्टिव हो गए हैं। दोनों नेताओं ने सोमवार को सचिन पायलट और अशोक गहलोत से अलग-अलग मुलाकात की। राहुल गांधी पहले अशोक गहलोत से मिले, फिर सचिन पायलट भी उनसे मिलने पहुंचे।
मौजूद रहे रंधावा
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच के विवाद को सुलझाने के प्रयास के तहत पार्टी नेतृत्व ने नेताओं के साथ बैठक की।पहले गहलोत ने खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की और इसके करीब दो घंटे के बाद पायलट खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पहुंचे। इन मुलाकातों के दौरान कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद थे।
इस साल होने है चुनाव
इन मुलाकातों को कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राजस्थान में गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच के विवाद को सुलझाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस साल के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव है। माना जा रहा है कि खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में गहलोत और पायलट की बीच सुलह के किसी फार्मूले पर सहमति बनाई जा सकती है।
गहलोत का दावा
मुलाकात से पहले गहलोत ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान आज भी इतना मजबूत है कि कोई नेता यह कहने की हिम्मत नहीं कर सकता कि वह अपनी पसंद का पद लेगा या फिर पार्टी उसे मनाने के लिए पद की पेशकश करे। मुख्यमंत्री से, सचिन पायलट को मनाने के लिए आलाकमान की ओर से कथित तौर पर पद की पेशकश किए जाने संबंधी खबर को लेकर सवाल किया गया था। माना जा रहा है कि कांग्रेस राजस्थान में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जारी विवाद को खत्म करने के प्रयास में है।
पायलट का अल्टीमेटम
हाल ही में ‘जनसंघर्ष यात्रा’ निकालने वाले पायलट ने मई के अंत तक उनकी मांगें नहीं मानने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। जयपुर में अपनी पांच दिवसीय ‘जनसंघर्ष यात्रा’ का समापन करते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गहलोत सरकार पर निशाना साधा था। पायलट ने हाल में तीन मांगें रखी थीं जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भंग करना और इसका पुनर्गठन, सरकारी परीक्षा के पेपर लीक होने से प्रभावित युवाओं को मुआवजा और पिछली वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराना शामिल है।
