VP Radhakrishnan on PM Modi: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी नेता शी चिनफिंग सहित दुनिया के तमाम नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए सोमवार को कहा कि मोदी नामुमकिन को मुमकिन बना सकते हैं।प्रधानमंत्री के भाषणों की दो पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बावजूद, ट्रंप ने हमेशा मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इसी तरह 'अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मतभेदों के बावजूद' चीनी राष्ट्रपति के भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अच्छे संबंध हैं।
उपराष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा, 'अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, लेकिन ट्रंप हमेशा कहते हैं कि मोदी जी मेरे अच्छे दोस्त हैं। ऐसी स्थिति में भी उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि मैं मोदी के खिलाफ हूं। वह हमेशा कहते हैं कि मैं मोदी के साथ हूं।'
'चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी मोदी जी के अच्छे मित्र हैं'
राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भी बेहद अच्छे मित्र हैं।उन्होंने कहा, '...साथ ही, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मतभेदों के बावजूद, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी मोदी जी के अच्छे मित्र हैं। यह हमने आज देखा है।’’उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यही कारण है कि वह (प्रधानमंत्री मोदी) नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।'
मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनता के लिए सच्चे मन से काम करते हैं और बदले में कोई अपेक्षा नहीं रखते।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता की भाषा बोलते हैं और उन्हीं के लिए बोलते हैं।
'उनका हर फैसला समाज की भलाई को ध्यान में रखकर लिया जाता है'
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले जब सरकारी योजनाएं शुरू होती थीं, तो वे 'बैंड-एड' (केवल तुरंत राहत) की तरह काम करती थीं। लेकिन मोदी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए लोगों की सोच बदल दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी राजनीति का इस्तेमाल जनसेवा के लिए करते हैं और उनका हर फैसला समाज की भलाई को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
