G-20 समिट का सफल आयोजन भारत सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। यह पहली बार था जब देश में इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन हुआ। भारत की मेजबानी से मेहमान खुश होकर गए और सरकार के इंतजामों एवं व्यवस्था की दिल खोलकर प्रशंसा की। इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए दिल्ली पुलिस से लेकर सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी मेहनत की। आयोजन से जुड़े निचले स्तर से लेकर बड़े अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता पूर्वक निभाया।
भोज में शामिल होंगे 2,5000 अफसर-कर्मी
अब जी-20 सम्मेलन के आयोजन से जुड़े कर्मचारियों एवं अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भोज पर आमंत्रित किया है। शुक्रवार को होने जा रहे इस भोज में गृह मंत्रालय, आईटीपीओ, संस्कृति मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न विभागों के करीब 2,500 अधिकारी एवं कर्मी शामिल होंगे।
9-10 सितंबर को दिल्ली में हुआ जी-20 का आयोजन
जानकारी के मुताबिक इस भोज में भारत सरकार के 22 विभागों के कम से कम 2,500 अधिकारी एवं कर्मी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के 700 कर्मी, दिल्ली पुलिस, एसपीजी राजघाट, सीआईएसएफ, आईएएफ और अन्य विभागों के 300 लोग भी भोज कार्यक्रम में आएंगे। इस समारोह की तस्वीरें भी खींची जाएंगी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भोज समारोह में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी एवं अन्य अधिकारी शामिल होंगे। दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 9-10 सितंबर को जी-20 सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर से आए शिष्टमंडल सहित 40 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष ने भाग लिया।
जी-20 सम्मेलन से दुनिया में बढ़ा भारत का रुतबा
जी-20 सम्मेलन का आयोजन भारत के लिए बेहद खास रहा है। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन ने दुनिया भर में भारत के कद एवं छवि को बढ़ाने का काम किया है। आज से पहले वैश्विक एवं कूटनीतिक मंच पर भारत को इतनी गंभीरता से नहीं लिया गया था। दुनिया में भारत की आज अपनी एक अलग पहचान है और नई दिल्ली की आवाज को कोई अनसुना करने की स्थिति में नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही अफ्रीकी यूनियन सदस्य के रूप में जी-20 में शामिल हो पाया। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध की छाया समिट पर रहने के बावजूद भारत संयुक्त घोषणापत्र पर सभी सदस्य देशों की सहमति बनाने में सफल रहा।
