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PM Modi In Kargil: कारगिल में जवानों के साथ पीएम मोदी ने गाया वंदे मातरम, देखें- VIDEO

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 24, 2022, 03:12 PM IST

PM Narendra Modi: देश की सीमाओं पर तैनात जवानों से हर साल दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने जाते हैं और इस बार वह कारगिल में हैं। सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे उनके परिवार हैं और उनके लिए इससे बेहतर दिवाली नहीं हो सकती थी।

KEY HIGHLIGHTS
  1. कारगिल पहुंचे पीएम मोदी
  2. करगिल में जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
  3. कारगिल में जवानों के साथ पीएम मोदी ने गाया वंदे मातरम

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जवानों के साथ दिवाली (Diwali) मनाने के लिए करगिल (Kargil) पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी वंदे मातरम गाने में सैनिकों के साथ शामिल हुए। एक वीडियो में प्रधानमंत्री को सेना की वर्दी में ताली बजाते और जवानों के एक समूह के साथ वंदे मातरम गाते हुए देखा जा सकता है।

कारगिल में जवानों संग पीएम मोदी ने गाया वंदे मातरम

देश की सीमाओं पर तैनात जवानों से हर साल दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने जाते हैं और इस बार वह कारगिल में हैं। सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे उनके परिवार हैं और उनके लिए इससे बेहतर दिवाली नहीं हो सकती थी।

प्रकाश का ये त्योहार दुनिया के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त करे- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों से कहा कि कई सालों से आप सब मेरा परिवार हो, मेरी दिवाली की मिठास और चमक आप लोगों बीच है। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई युद्ध नहीं हुआ है, जहां करगिल ने जीत का झंडा नहीं फहराया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कामना करता है कि प्रकाश का ये त्योहार दुनिया के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र तब सुरक्षित होता है जब सीमाएं सुरक्षित हों, अर्थव्यवस्था मजबूत हो और समाज विश्वास से भरा हो। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ी है, यह और तेजी से बढ़ रही है; और ऐसा इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि यह बाहर और अंदर के दुश्मनों से सफलतापूर्वक निपट रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों में महिलाओं को शामिल करने से हमारी ताकत बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम कभी युद्ध को पहला नहीं बल्कि अंतिम विकल्प मानते हैं; हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन शांति सामर्थ्य के बिना संभव नहीं है। साथ ही कहा कि जब भारत की ताकत बढ़ती है, तो वैश्विक शांति और समृद्धि की संभावना भी बढ़ती है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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