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Diwali: जिस बच्चे को 2001 में मोदी ने दी थी शिल्ड, आज वो मेजर बन PM के आ गया सामने; देखिए फोटो

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  • Updated Oct 24, 2022, 01:30 PM IST

Diwali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों को अपने "परिवार" के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि वह उनके बिना बेहतर दिवाली नहीं मना सकते थे। उन्होंने उनकी बहादुरी की भी प्रशंसा की और कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई युद्ध नहीं हुआ है जहां कारगिल ने जीत नहीं देखी है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कारगिल में मेजर अमित से मुलाकात की

Photo : ANI

सोमवार को जब पीएम मोदी दीवाली मनाने के लिए कारगिल पहुंचे तो वहां उनसे एक ऐसे सैनिक ने मुलाकात की जो उनसे 22 साल पहले मिल चुका था। पीएम को जब वो मिले तो पीएम भी आश्चर्यचकित रह गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कारगिल में भारतीय सेना के एक मेजर अमित से मुलाकात की। इसी अमित से पीएम 22 साल पहले भी मिल चुके थे। तब उन्होंने मेजर अमित को पुरस्कार भी दिया था। पीएम ने 2001 में मेजर अमित से मुलाकात की थी, जब वो गुजरात के बालाचडी के एक सैनिक स्कूल में छात्र थे।

इसके बाद वो 22 साल बाद फिर से मिले, लेकिन इस बार मुलाकात कारगिल में हुए। मेजर अमित ने 2001 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से पुरस्कार प्राप्त करते हुए अपनी तस्वीर भी पीएम मोदी को दी।

बता दें कि हर साल की भांति इस साल भी पीएम मोदी सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाने के लिए कारगिल पहुंचे थे। दीवाली पर यहां सशस्त्र बलों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 1999 में कारगिल संघर्ष के बाद इस सीमावर्ती क्षेत्र की अपनी यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा- "पाकिस्तान के साथ एक भी ऐसा युद्ध नहीं हुआ है जब कारगिल ने जीत का झंडा नहीं फहराया है।" उन्होंने कहा कि दिवाली "आतंक के अंत के उत्सव" का प्रतीक है।

पीएम ने आगे कहा कि शक्ति के बिना शांति प्राप्त करना असंभव है, यहां तक कि उनकी सरकार ने हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। पीएम मोदी ने कहा- "हमने हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। चाहे वह लंका में हो या कुरुक्षेत्र में, अंत तक इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। हम विश्व शांति के पक्ष में हैं।"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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