देश

'ये मिशन नहीं मजबूरी है...' विपक्षी एकता पर जमकर बरसे PM Modi; पढ़ें संबोधन की 10 बड़ी बातें

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 18, 2023, 10:40 PM IST

NDA Meeting: पीएम मोदी ने कहा, हम जब विपक्ष में थे तब भी हमने सकारात्मक राजनीति की, हमने कभी नकारात्मक राजनीति नहीं की। हम विपक्ष में रहे लेकिन देश के विकास में न रोड़े अटकाए और न ही रूकावट बने। उन्होंने कहा, NDA का गठन देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था।

Image

एनडीए की बैठक में पीएम मोदी

Photo : Twitter

NDA Meeting: देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA Meeting) की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पार्टियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, एक तरह से NDA अटल जी की एक ओर से विरासत है जो हमें जोड़े हुए है। NDA के निर्माण में आडवाणी जी ने भी बहुत अहम भूमिका निभाई थी और वो आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, हाल ही में NDA के गठन के 25 साल पूरे हुए हैं, ये 25 वर्ष देश की प्रगति को गति देने और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के रहे हैं। उन्होंने कहा, NDA के 25 वर्षों की इस यात्रा के साथ एक और संयोग जुड़ा है। ये वह समय है, जब हमारा देश आने वाले 25 वर्षों में एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कदम बढ़ा रहा है। ये लक्ष्य विकसित भारत का है, आत्मनिर्भर भारत का है।

विपक्ष में रहकर हमने की सकारात्मक राजनीति

पीएम मोदी ने कहा, हम जब विपक्ष में थे तब भी हमने सकारात्मक राजनीति की, हमने कभी नकारात्मक राजनीति नहीं की। हमने विपक्ष में रहकर सरकारों का विरोध किया, उनके घोटालों को सामने लाए लेकिन जनादेश का अपमान नहीं किया और न ही विदेशी ताकतों की मदद मांगी। उन्होंने कहा, हमारे देश में राजनीतिक गठबंधनों की एक लंबी परंपरा रही है, लेकिन जो भी गठबंधन नकारात्मकता के साथ बने वह कभी भी सफल नहीं हो पाए। कांग्रेस ने 90 के दशक में देश में अस्थिरता लाने के लिए गठबंधनों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने सरकारें बनाईं और सरकारें बिगाड़ीं।

पीएम मोदी ने बताया NDA का मतलब

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान NDA का मतलब भी बताया। उन्होंने कहा, N का मतलब New India, D का मतलब Developed Nation और A का मतलब Aspiration of people है। उन्होंने कहा, आज युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्गीय परिवारों, दलितों और वंचितों को एनडीए पर भरोसा है।

सत्ता हासिल करना नहीं रहा NDA का मकसद

बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हम विपक्ष में रहे लेकिन देश के विकास में न रोड़े अटकाए और न ही रूकावट बने। 1998 में NDA का गठन हुआ था, लेकिन सिर्फ सरकारें बनाना और सत्ता हासिल करना NDA का लक्ष्य नहीं था। NDA किसी के विरोध में नहीं बना था, NDA किसी को सत्ता से हटाने के लिए नहीं बना था। NDA का गठन देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था।

सत्ता की मजबूरी का गठबंधन बहुत नुकसानदायक

प्रधानमंत्री ने कहा, जब गठबंधन सत्ता की मजबूरी का हो, जब गठबंधन भ्रष्टाचार की नीयत से हो, जब गठबंधन परिवारवाद की नीति पर आधारित हो, जब गठबंधन जातिवाद और क्षेत्रवाद को ध्यान में रखकर किया गया हो तो वो गठबंधन देश का बहुत नुकसान करता है। उन्होंने कहा, 2014 से पहले की गठबंधन सरकार का उदाहरण हमारे सामने है। प्रधानमंत्री के ऊपर एक आलाकमान, पॉलिसी पैरालिसिस, निर्णय लेने में अक्षमता, अव्यवस्था और अविश्वास, खींचतान और भ्रष्टाचार और लाखों-करोड़ों के घोटाले।

एनडीए देश की जनता के लिए प्रतिबद्ध

पीएम मोदी ने कहा, एनडीए देश की जनता के लिए प्रतिबद्ध है। इसकी विचार धारा- राष्ट्र प्रथम, राष्ट्र की सुरक्षा सबसे पहले, राष्ट्र की प्रगति सबसे पहले और लोगों का सशक्तिकरण सबसे पहले है। हम केवल आज की जरूरतों के लिए काम नहीं कर रहे हैं, हम आने वाली पीड़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित बना रहे हैं। हम विकास भी कर रहे हैं और विरासत को भी सहेज रहे हैं। हम मेक इन इंडिया पर भी बल दे रहे हैं और पर्यावरण की रक्षा भी कर रहे हैं, हमारी नीयत साफ है, नीति स्पष्ट है और निर्णय ठोस है।

राजनीति में प्रतिस्पर्धा, लेकिन शत्रुता नहीं

पीएम मोदी ने कह, राजनीति में प्रतिस्पर्धा हो सकती है लेकिन शत्रुता नहीं होती लेकिन आज विपक्ष ने अपनी एक ही पहचान बना ली है, हमें गाली देना, हमें नीचा दिखाना। बावजूद इसके हमने देश को दलों के हित से उपर रखा है। यह NDA सरकार ही है जिसने प्रनब मुखर्जी को भारत रत्न दिया, हमने मुलायम सिंह यादव, शरद पवार, गुलाम नबी आज़ाद जैसे अनेक नेताओं को पद्म सम्मान दिया। PM मोदी ने कहा, जनता देख रही है कि ये पार्टियां क्यों इकट्ठा हो रही हैं? जनता ये भी जान रही है कि ऐसा कौन सा गोंद है जो इन पार्टियों को जोड़ रहा है। किस तरह छोटे-छोटे स्वार्थ के लिए मूल्यों और सिद्धांतों से समझोता किया जा रहा है।

10 प्वाइंट्स में PM Modi का विपक्ष पर प्रहार

1- ये आस पास आ सकते हैं, लेकिन एक साथ नहीं आ सकते।

2- ये लोग एक ही गलती को बार-बार दोहरा रहे हैं।

3-2024 के लिए लोग अपना बन बना चुके हैं।

4- ये गठबंधन मिशन नहीं मजबूरी है।

5- जनमत NDA के साथ है, ये बात दुनिया को भी पता है।

6- मेरे शरीर का हर कण और मेरे समय का हर क्षण देश के लिए समर्पित।

7- NDA के तीसरे टर्म में अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर होगी।

8- हमारे पास 25 सालों का नक्शा है।

9- राजनीति में प्रतिस्पर्धा हो सकती है लेकिन शत्रुता नहीं होती।

10- हम विकास भी कर रहे हैं और विरासत को भी सहेज रहे हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article