पीएफआई पर बैन के बाद हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि बाहर से ज्यादा देश के भीतरी दुश्मन अधिक खतरनाक हैं। ऐसे लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'शुद्धीकरण अभियान चला रहे हैं।
अंबाला में बुधवार (28 सितंबर, 2022) को उन्होंने पत्रकारों से कहा- देश के बाहर बैठे दुश्मनों से देश के अंदर बैठे दुश्मन ज्यादा खतरनाक हैं। पीएम मोदी ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाकर देश को सुरक्षित रखने का काम किया है। पीएम की ओर से जो देश का शुद्धीकरण अभियान चलाया जा रहा है, हर भारतवासी उनके साथ है।
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नासिक में कहा- पीएफाई के लोग पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते हैं, उनको इस देश में ऐसे नारे लगाने का अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार ने ये अच्छा फैसला किया है। ये देश भक्तों का देश है और यहां देशद्रोही बयान कोई किसी पर नहीं कर सकता।
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से सभी “राष्ट्र विरोधी तत्वों” को संदेश जाएगा कि इस देश में उनके लिए कोई जगह नहीं है।
हालांकि, झारखंड के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि पटेल ने भी कभी आरएसएस को बैन किया था। ऐसे में सरकार मुद्दों से ध्यान भटका रही है। दरअसल, पीएफआई पर कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
वैसे, अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख जैनुल आबेदीन अली खान ने केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानून के अनुपालन और आतंकवाद की रोकथाम के लिए की गई है और सभी को इसका स्वागत करना चाहिए।
