संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन करेगा। विपक्षी दल संसद के 'मकर द्वार' पर आज विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। विपक्ष की मुख्य मांग है कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में आधिकारिक बयान दें। इसके साथ ही विपक्ष कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव विवाद और हमला
यह राजनीतिक सरगर्मी ऐसे समय में बढ़ी है जब पिछले हफ्ते पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर सरकार पर निशाना साधते हुए एक पुजारी का रूप लेकर चंदा इकट्ठा किया था, जिस पर काफी विवाद भी हुआ था। इसके अलावा रविवार को दिल्ली में पप्पू यादव पर हुए कथित हमले के बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और चर्चा में आ गया है।
FCRA संशोधन विधेयक संसद में पेश होने की संभावना
संसद के मौजूदा सत्र में केंद्र सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर भी तीखी बहस होने की संभावना है। इसपर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा, "मुझे नहीं पता कि वे FCRA बिल ला रहे हैं या नहीं। लेकिन हम दिल्ली के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और फायरिंग के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग सदन में लगातार उठाते रहेंगे।"
बीजेपी ने विपक्ष पर लगाए आरोप
बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने विपक्ष पर काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा, "संसद जनता की सेवा के लिए है। सवाल उठाने के नियम होते हैं, लेकिन विपक्ष चाहता है कि सब कुछ उनकी मर्जी से चले न कि संसद के नियमों से। उनका एकमात्र मकसद सिर्फ कार्यवाही में रुकावट डालना है, जो सही नहीं है।"
हंगामेदार रह सकता है संसद का दिन
छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और संभावित FCRA संशोधन विधेयक जैसे मुद्दों को लेकर सोमवार को संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
