Winter Session: सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के कारण 2025-26 में नवंबर तक ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या कम होकर 11 रह गई जो 2014-15 में 135 थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि केंद्र सरकार ने रेलवे में ‘कोई दुर्घटना नहीं हो’ यह सुनिश्चित करने के लिए क्या आवश्यक सुरक्षा उपाय किए हैं।
रेल मंत्री ने क्या कुछ कहा?
इसके जवाब में वैष्णव ने कहा कि पिछले कुछ साल में किए गए अलग-अलग सुरक्षा उपायों की वजह से दुर्घटनाओं की संख्या में खासी कमी आई है।
रेल मंत्री ने कहा कि 2014-15 में ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, जो 2024-25 में घटकर 31 रह गई। उन्होंने कहा कि 2004-14 के दौरान ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या 1711 (हर साल औसतन 171) थी, जो 2024-25 में घटकर 31 और 2025-26 में (नवंबर, 2025 तक) 11 हो गई है। वैष्णव ने ट्रेन दुर्घटनओं को रोकने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया।
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मानवीय चूक से होने वाले हादसों को कम करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक 6,656 स्टेशनों पर पॉइंट और सिग्नल के केंद्रीकृत परिचालन के साथ इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था की है।”
रेलवे ने 'कवच' को किया एक्टिवेट
वैष्णव के अनुसार, ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘कवच’ को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और इसका वर्जन 4.0 दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पलवल-मथुरा-कोटा-नागदा सेक्शन और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर हावड़ा-बर्धमान खंड में सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है।
वैष्णव ने कहा, “दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग के बाकी हिस्से में ‘कवच’ को लागू किया जा रहा है।’’ 'कवच' भारतीय रेलवे की एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ATP) है, जिसे ट्रेनों की टक्करों और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
