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मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की रिपोर्टों पर नागपुर कमिश्नर का बयान, बोले-हिंसा में उसकी भूमिका की जांच कर रहे

Nagpur Violence : नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान की गिरफ्तारी की रिपोर्टों पर शहर के पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने कहा कि इस हमले में उसकी क्या भूमिका थी, अभी इसकी हम जांच कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि हिंसा की शुरुआत से उसकी क्या भूमिका रही। हम इन सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं।

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नागपुर में मंगलवार को हुई हिंसा।

Nagpur Violence : नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान की गिरफ्तारी की रिपोर्टों पर शहर के पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने कहा कि इस हमले में उसकी क्या भूमिका थी, अभी इसकी हम जांच कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि हिंसा की शुरुआत से उसकी क्या भूमिका रही। हम इन सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा मामले में अब तक 50 लोग गिरफ्तार हुए हैं। सात किशोर भी अरेस्ट हुए हैं। कुछ गिरफ्तारियां आज भी हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण है। हम लोगों से मिल रहे हैं। जांच में लोग सहयोग कर रहे हैं। हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कैसे हुए।

कुल 57 धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि हिंसा के दौरान दंगाइयों की भीड़ ने एक महिला कांस्टेबल से कथित तौर पर छेड़छाड़ की और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके। उन्होंने कहा कि पुलिस अब तक 51 दंगाइयों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कुल 57 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सोमवार की रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई और पुलिस पर पथराव किया गया। बताया जाता है कि हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया।

कुल पांच प्राथमिकी दर्ज की गई

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘हिंसा के सिलसिले में नागपुर में कुल पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। गणेशपेठ थाने में दर्ज की गई एक प्राथमिकी में कहा गया है कि शहर के भालदारपुरा चौक पर लोगों का एक समूह इकट्ठा हुआ और पुलिसकर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर भी फेंके।’

कांस्टेबल को निर्वस्त्र करने का प्रयास किया

उन्होंने कहा, ‘अंधेरे का फायदा उठाकर भीड़ ने दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) की एक महिला कांस्टेबल और उसकी वर्दी को छूने की कोशिश की तथा उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया। भीड़ ने अन्य महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अश्लील टिप्पणियां कीं। दंगाइयों ने उनकी तरफ आपत्तिजनक इशारे भी किए और उन पर हमला भी किया।’ हिंसा के मद्देनजर शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू अब भी लागू है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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