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गाजा के हालात भारत ने जताई चिंता, MEA ने कहा-हमास को रिहा करने चाहिए सभी बंधक

MEA on Gaza : गाजा पर इजरायल के हवाई हमलों के बाद भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने गाजा के हालात पर चिंता जताते हुए बचे हुए बंधकों को रिहा करने की मांग की। साथ ही भारत ने कहा कि गाजा के लोगों तक मानवीय मदद पहुंचनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गाजा के हालात पर वह चिंतित है।

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गाजा पर इजरायल ने नए सिरे से हमले किए हैं।

MEA on Gaza situation : गाजा पर इजरायल के हवाई हमलों के बाद भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने गाजा के हालात पर चिंता जताते हुए बचे हुए बंधकों को रिहा करने की मांग की। साथ ही भारत ने कहा कि गाजा के लोगों तक मानवीय मदद पहुंचनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गाजा के हालात पर वह चिंतित है। साथ ही उसने यह भी कहा कि सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में जरूरतमंदों तक मानवीय मदद पहुंचनी चाहिए। इजरायल के ताजा हमलों में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

मंगलवार सुबह गाजा पट्टी हुए हवाई हमले

बता दें कि इजरायल ने मंगलवार सुबह गाजा पट्टी क्षेत्र में हवाई हमले किए, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 404 फलस्तीनी मारे गए। अचानक किये गए इस हमले की वजह से जनवरी से लागू संघर्षविराम टूट गया तथा 17 महीने से जारी युद्ध के फिर से शुरू होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्षविराम समझौते में बदलाव की इजरायली मांग को हमास द्वारा अस्वीकार किये जाने के बाद हमले का आदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि हमले का दायरा बढ़ने की संभावना है।

जमीनी हमले भी शुरू कर सकता है इजरायल

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि हमला करने से पहले उससे सलाह ली गई है और उसने इजरायल के फैसले का समर्थन किया। इजरायली सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा छोड़ने और मध्य की ओर बढ़ने का आदेश दिया, जिससे संकेत मिलते हैं कि इजराइल जल्द ही नये सिरे से जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, ‘इजरायल अब सैन्य ताकत बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’

गाजा में हुई व्यापक तबाही

रमजान के महीने के दौरान हुए इस हमले से वह युद्ध फिर से शुरू हो सकता है, जिसमें पहले ही हजारों फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और गाजा में व्यापक तबाही हुई है। साथ ही, इससे हमास द्वारा बंधक बनाए गए लगभग दो दर्जन इजराइली बंधकों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अब भी जीवित हैं। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नेतन्याहू का युद्ध फिर से शुरू करने का फैसला शेष बंधकों के लिए 'मौत की सजा' के बराबर है।

बंधक परिवारों ने नेतन्याहू पर बनाया दबाव

ये हमले ऐसे समय में किए गए हैं जब नेतन्याहू पर इजरायल में दबाव बढ़ रहा है, बंधक संकट से निपटने के उनके तरीके और इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख को बर्खास्त करने के उनके फैसले को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। हमलों के बाद, लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार के मुकदमे में उनकी हालिया गवाही रद्द कर दी गई। बंधकों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्य समूह ने सरकार पर संघर्षविराम से पीछे हटने का आरोप लगाया और कहा कि उसने ‘बंधकों के मुद्दे को छोड़ने का विकल्प चुना।’ बंधकों और लापता परिवारों के संगठन ने एक बयान में कहा, 'हम अपने प्रियजनों को हमास की भयानक कैद से वापस लाने की प्रक्रिया को जानबूझकर खत्म करने से हैरान, क्रोधित और भयभीत हैं।’

गाजा के अस्पतालों में घायलों का लगा तांता

यूरोपियन अस्पताल के अनुसार, दक्षिणी शहर राफा में एक मकान पर हुए हमले में एक परिवार के 17 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पांच बच्चे, उनके माता-पिता और एक अन्य व्यक्ति और उसके तीन बच्चे शामिल हैं। दक्षिणी शहर खान यूनिस में, ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के संवाददाताओं ने विस्फोट की आवाज सुनी और धुएं के गुबार देखे। घायल लोगों को एंबुलेंस से नासर अस्पताल लाया गया, जहां मरीज फर्श पर पड़े थे, कुछ दर्द से कराह रहे थे। कई फलस्तीनियों ने कहा कि उन्हें युद्ध के फिर से शुरू होने की आशंका थी, जब संघर्षविराम के दूसरे चरण पर बातचीत फरवरी की शुरुआत में तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। इसके बजाय, इजराइल ने एक वैकल्पिक प्रस्ताव अपनाया और हमास पर इसे स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए क्षेत्र के 20 लाख फलस्तीनियों को भोजन, ईंधन और अन्य सहायता के सभी आपूर्ति रोक दी।

404 लोग मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमलों में कम से कम 404 लोग मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए। मंत्रालय के अभिलेख विभाग के प्रमुख ज़हीर अल-वहीदी ने कहा कि मारे गए लोगों में कम से कम 263 महिलाएं या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं। उन्होंने इसे युद्ध की शुरुआत के बाद से गाजा में सबसे घातक दिन बताया। अमेरिका ने इजरायल का समर्थन किया और हमास को दोषी ठहराया। व्हाइट हाउस ने नये सिरे से युद्ध छिड़ने के लिए हमास को दोषी ठहराया। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि आतंकवादी समूह 'संघर्षविराम को विस्तारित करने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन इसके बजाय उसने इनकार करने और युद्ध का विकल्प चुना।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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