Nuh Hinsa Update: नूंह में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन की ओर से लगातार एक्शन जारी है। आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार को भी हिंसा वाले इलाके में अवैध होटलों पर बुलडोजर चलाया गया है। आरोप है कि इन अवैध होटलों में ही छिपकर दंगाइयों ने पथराव किया था। 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा की आग आप पास के जिलों में भी फैल गई थी।
अब तक 37 बिल्डिंग पर चला सरकार का बुलडोजर
पुलिस अधिकारियों ने ये दावा किया है कि जिन बिल्डिंग में छिपकर पथराव किया गया, उन सभी के खिलाफ एक्शन होगा। नूंह के एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि हरियाणा से सटे राजस्थान के इलाकों से भी लोग नूंह में दाखिल हुए थे। हम राजस्थान पुलिस से संपर्क में हैं, दूसरे स्टेट के लोग होंगे तो वहां की पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।
घरों और बिल्डिंग की पुलिस कर रही है पहचान
एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने बताया कि जहां से पत्थर फेंके जा रहे थे, उन बिल्डिंग पर बुलडोजर चला है। सभी ने देखा किस-किस बिल्डिंग से पथराव हो रहा था। हम उन घरों और बिल्डिंग की पहचान कर रहे हैं, जहां से पत्थर फेंके गए। जो डरकर छुप रहा है, इसका मतलब उसने गलती की है। अगर कोई गलत नहीं है तो वो पुलिस के सामने आए। निर्दोष लोगों पर कोई एक्शन नहीं होगा। अब तक कई एकड़ जमीन खाली करवाई गई है और 37 बिल्डिंग पर बुलडोजर चला है। नूंह में फिलहाल कर्फ्यू जारी है। सरकार ने 7 अगस्त, सोमवार को कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया है। लोग सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवाजाही कर सकते हैं।
पुलिस ने भाकपा प्रतिनिधिमंडल को रोका
पुलिस ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के चार सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल को नूंह जिले के निकट हिंसा प्रभावित गांवों में जाने से रविवार को रोक दिया। भाकपा के राज्यसभा सदस्य विनय विश्वम ने कहा, 'हमने वापस जाने का फैसला किया है क्योंकि हम कोई टकराव नहीं चाहते। गुंडे और बदमाश खुलेआम जा सकते हैं, लेकिन जो लोकतांत्रिक लोग शांति स्थापित करने के लिए यहां आए हैं, उन्हें रोका जाता है।'
नेताओं को रोकने की पुलिस ने बताई वजह
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भाकपा के नेताओं को रोका गया है, क्योंकि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी और प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा को लेकर चिंताएं थीं। भाकपा ने कहा था कि उसका एक प्रतिनिधिमंडल सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। उसने बताया था कि प्रतिनिधिमंडल में विश्वम, पार्टी सांसद संतोष कुमार पी, पार्टी महासचिव अमरजीत कौर और दरियाव सिंह कश्यप शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक ने कहा कि उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे 'स्थानीय लोगों के साथ एक कप चाय पीने के लिए' क्षेत्र में जाना चाहते हैं।
दोषियों को आत्मसमर्पण करने की सलाह दी
सदस्य ने कहा, 'पुलिस अधिकारी ने हालांकि कहा कि पुलिस थाने में चाय पीने के लिए हमारा स्वागत है, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में हमें आम जनता से मिलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।' भाकपा महासचिव अमरजीत कौर ने पुलिस से कहा, 'या तो आप हम पर भरोसा करें या हमें गिरफ्तार करें।' जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने रविवार को संयुक्त रूप से नूंह जिले के कई इलाकों का दौरा किया और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की। बिजारणिया ने कहा, 'दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। दोषियों को आकर आत्मसमर्पण करना चाहिए, नहीं तो हरियाणा पुलिस जानती है कि उन्हें कैसे पकड़ना है।'
नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत छह लोगों की मौत
सरकार ने 'सांप्रदायिक तनाव' के मद्देनजर फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ उपमंडल में छह अगस्त को दोपहर एक बजे से सात अगस्त की रात 11:59 बजे तक मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को निलंबित करने का रविवार को आदेश दिया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जलाभिषेक यात्रा पर पिछले सोमवार को नूंह में भीड़ के हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में दो होमगार्ड और एक इमाम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।
'बुलडोजर न्याय' पर समुदाय के सदस्यों ने जताई चिंता
हरियाणा में हाल ही में हुए सांप्रदायिक दंगों से निपटने के दौरान पड़ोसी भगवा राज्यों की तरह बुलडोजर का उपयोग करके कथित आरोपियों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया। इससे अल्पसंख्यक समुदाय में चिंता बढ़ गई है, जो इस पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि दंगे में छह लोग मारे गए। नूंह के निवासी ज़मील खान ने हाल की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की, जहां सशस्त्र हिंदू कार्यकर्ताओं ने एक जुलूस के दौरान उत्तेजक नारे लगाए। उन्होंने बताया कि इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस विध्वंस अभियान के दौरान मुस्लिम संपत्तियों को चुनिंदा रूप से निशाना बना रही है।
मुसलमानों के घरों और दुकानों को ध्वस्त करने का आरोप
उन्होंने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा, 'अधिकारियों ने केवल मुसलमानों के घरों और दुकानों को ध्वस्त करने का फैसला किया है। उन्होंने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों और रैली के दौरान खुलेआम हथियार लहराने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?' जमील खान का मानना है कि यह दृष्टिकोण हिंदुत्व समूहों को खुश करने का एक प्रयास है, जो कई वर्षों से क्षेत्र में मौजूद सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द को बाधित करना चाहते हैं। उसका घर ध्वस्त कर दिया गया, इससे उसके सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि वह कहां जाए।
जुलूस पर हमले में कथित घुसपैठियों समेत बाहरी थे शामिल
पुलिस और प्रशासन ने आरोप लगाया है कि विहिप जुलूस पर हमले में कथित घुसपैठियों सहित बाहरी लोग शामिल थे। हालांकि, सवाल अभी भी कायम हैं - दंगे व गुरुग्राम के अंजुमन जामा मस्जिद के इमाम की हत्या के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि नूंह में झड़प के पीछे की हिंसा एक 'बड़े गेम प्लान' का हिस्सा थी। अब तक, सांप्रदायिक झड़पों के लिए 176 गिरफ्तारियां की गई हैं, जो सोमवार को पहली बार एक हिंदू धार्मिक जुलूस के दौरान अफवाहों के बाद भड़की थीं कि भगोड़ा गौरक्षक मोनू मानेसर, जो कि भिवानी में हुई हत्याओं का मुख्य आरोपी है, भी इस कार्यक्रम में शामिल होगा।
