स्पेनिश में वोल्कैन डी फुएगो (Volcan de Fuego) का अर्थ “Volcano of Fire” यानी आग का ज्वालामुखी है। यह ग्वाटेमाला (Guatemala) का बेहद सक्रिय ज्वालामुखी है।
स्मिथसोनियन ग्लोबल वोल्केनिज़्म प्रोग्राम (Smithsonian Global Volcanism Program) इसे सेंट्रल अमेरिका (Central America) के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल करता है। इसकी ऊंचाई करीब 3,799 मीटर है।
इस ज्वालामुखी में अक्सर छोटे-बड़े विस्फोट, गैस और राख के गुबार तथा कभी-कभी चमकता हुआ गर्म पदार्थ निकलते रहते हैं। अगस्त 2026 में भी यहां प्रति घंटे कई विस्फोट रिकॉर्ड किए गए थे।
इस ज्वालामुखी की हाल की गतिविधियों में राख के गुबार समुद्र तल से लगभग 4,800 मीटर तक की ऊंचाई तक पहुंचे हैं। रात के समय इसके क्रेटर से निकलने वाली लाल चमक इसे बेहद शानदार और डरावना भी बनाती है।
इसके विस्फोटों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड 1531 तक मिलते हैं। वैज्ञानिक प्रमाण इससे भी पुराने समय की ज्वालामुखीय गतिविधि दिखाते हैं। इस ज्वालामुखी से 30 किलोमीटर के दायरे में 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, इसलिए इसकी निगरानी लगातार की जाती है।
इसकी ऊंचाई काफी ज्यादा होने के कारण जब आसपास की निचली घाटियां बादलों से भर जाती हैं, तो इस ज्वालामुखी का शिखर बादलों के समुद्र के बीच अकेला खड़ा दिखाई देता है।
फ्यूगो (Fuego) से राख, गर्म ज्वालामुखीय पदार्थ, लावा और पायरोक्लास्टिक प्रवाह (pyroclastic flows) जैसी खतरनाक घटनाएं हो सकती हैं। 2018 में इसके बड़े विस्फोट से भारी तबाही हुई थी।
तस्वीर में दिख रहा ‘बादलों का समुद्र’ एक शानदार प्राकृतिक नजारा है। जब निचले इलाकों में बादल जमा होते हैं और फ्यूगो (Fuego) का ऊंचा शिखर उनके ऊपर निकलता है, तो ऐसा लगता है जैसे आग उगलता पहाड़ सफेद बादलों के महासागर में तैर रहा हो।