नागोया: भारत के तजिंदरपाल सिंह तूर ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों की गोला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीता जो इन महाद्वीपीय खेलों में उनका तीसरा पदक है। पिछले दो चरण में स्वर्ण पदक जीतने वाले तूर ने 20.64 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर दूसरा स्थान हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।
लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने से चूके
31 वर्षीय तूर 20वें एशियाई खेलों में लगातार तीन गोल्ड मेडल जीतने वाले एथलीट बनने से चूक गए। उन्होंने साल 2028 में जकार्ता एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद हांगझोऊ में वो गोल्ड मेडल बचाने में सफल रहे। आइची नागोया में सिल्वर मेडल अपने नाम कर सके।
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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं हासिल कर सके थे पदक
तूर ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में तूर कोई पदक हासिल नहीं कर सके थे। 20.27 मीटर दूर गोला फेंककर पांचवें स्थान पर रहे थे। इस निराशा से उबरकर एशियाई खेलों में वे शानदार प्रदर्शन करके सिल्वर मेडल अपने नाम करने में सफल रहे। तूर एशियाई खेलों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए। उन्होंने साल 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में 20.75 मीटर दूर गोला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उसके बाद आइची-नागोया में किया प्रदर्शन (20.64 मीटर) उनके करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो बन गया है। 2018 के बाद यह तूर का अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है जो उन्होंने 31 साल की उम्र में कर दिखाया है।
(भाषा इनपुट के साथ)
