Election Commission Row: देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष सड़कों पर उतर आया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपजे विवाद के बीच सीईसी ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ बैठक की। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए जिनमें ईसीआईनेट की समीक्षा, दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर से जुड़ी तारीखें इत्यादि शामिल हैं।
एसआईआर में नोटिस पाने वालों के लिए राहत
जिन मतदाताओं को नाम मैप नहीं होने या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के कारण नोटिस मिला है, उनके घर बीएलओ जाकर दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे।
ईआरओ ऑफिस में बुलाने की जरूरत नहीं
ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा। केवल अपवाद वाली परिस्थितियों में सुनवाई होगी और वह भी प्राथमिकता से ऑनलाइन।
परिवार का वयस्क सदस्य सुनवाई में शामिल हो सकेगा
जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकता है, जो उसकी ओर से सुनवाई में शामिल हो सकेगा। ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाएं मजबूत की जाएंगी।
गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप
जिला निर्वाचन अधिकारी रात के आश्रय गृहों में रहने वाले, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए जरूरत के मुताबिक हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएंगे।
एसआईआर डिक्लेरेशन पर आयोग का रुख
आयोग ने कहा कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ लगा डिक्लेरेशन सुप्रीम कोर्ट से बरकरार रखा गया है। गैर-एसआईआर अवधि में 1960 के नियमों के मुताबिक लागू फॉर्म इस्तेमाल होंगे।
ईसीआईनेट की समीक्षा होगी
फील्ड अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के मुताबिक रोल-बेस्ड एक्सेस दिया गया है। ईसीआईनेट की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जिसमें आईआईटी/आईआईआईटी का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा।
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आईटी सिस्टम में और बदलाव की गुंजाइश
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई अपग्रेड किए जा चुके हैं। जरूरत पड़ने पर फील्ड अधिकारियों को और फ्लेक्सिबिलिटी दी जाएगी। भविष्य के नए आईटी मॉड्यूल और पोर्टल पहले कमेटी ऑफ ऑफिसर्स में चर्चा के बाद आयोग के सामने जाएंगे।
दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए अहम तारीखें
दिल्ली SIR में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 की गई। दिल्ली में नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई।
महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026। अब महाराष्ट्र में नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 की गई।
आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर फैसले
- आयोग की हर बैठक के लिए एजेंडा पहले से सर्कुलेट किया जाएगा और बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे।
- सभी अधिकारियों की एपीएआर 31 दिसंबर तक पूरी की जाएगी। अधिकारियों के विदेश दौरे के लिए आयोग की मंजूरी जरूरी होगी। आयोग के आयुक्तों द्वारा अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
एसआईआर को लेकर आयोग की अहम जानकारी
- आयोग के मुताबिक 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं, में एसआईआर पूरा हो चुका है।
- एसआईआर में जिन लोगों का नाम छूट गया है, या उसके बाद जिनका नाम छूटा है, वे सतत अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित ईआरओ के पास नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता भी आवेदन कर सकते हैं। सीईओ को इसके लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
आयोग ने अपने पुराने फैसलों और विवाद पर क्या कहा
कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग की नीति या आईटी डिवीजन से संबंधित नहीं था, बल्कि ईसीआई में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी वर्क री-डिस्ट्रिब्यूशन आदेश लागू नहीं किए गए और आईटी डिवीजन की निगरानी से वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त को कभी हटाया नहीं गया।
आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का आदेश सर्वसम्मति से मंजूर हुआ था और सुप्रीम कोर्ट ने इसे 27 मई 2026 के आदेश में बरकरार रखा।
एसआईआर के अलग-अलग चरणों की समय-सारिणी भी आयोग के मुताबिक सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुई।
आयोग ने कहा कि फेज-III के बाकी 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
गोवा को लेकर दिया अपडेट
गोवा में छूटे हुए मतदाताओं के लिए बीएलओ को घर-घर जाकर फॉर्म जमा कराने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि कुल 97 में से 81 मतदाता फॉर्म-6 भर चुके हैं।
