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माइक म्यूट किया गया, 5 मिनट से ज्यादा बोलने की अनुमति नहीं; ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक से निकलीं बाहर

NITI Aayog Meeting: नीति आयोग की 9वीं बैठक में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल हुईं। इस दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। हालांकि ममता बनर्जी ने बीच मीटिंग से भड़क कर बाहर आ गईं। इस दौरान उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया।

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सीएम ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • नीति आयोग की मीटिंग से बाहर आईं CM ममता बनर्जी
  • केन्द्र सरकार पर सीएम ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
  • बंगाल को बांंटना चाहती है केन्द्र सरकार- सीएम ममता

NITI Aayog Meeting: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका माइक्रोफोन म्यूट कर दिया गया था और उन्हें पांच मिनट से ज़्यादा बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि अन्य मुख्यमंत्रियों को ज़्यादा समय दिया गया। ममता ने कहा कि मैंने कहा कि आपको (केंद्र सरकार को) राज्य सरकारों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। मैं बोलना चाहती थी लेकिन मेरा माइक म्यूट कर दिया गया था। मुझे सिर्फ़ 5 मिनट बोलने की अनुमति दी गई। मुझसे पहले के लोगों ने 10-20 मिनट तक बात की। बैठक के बीच में ही बाहर निकलते हुए बनर्जी ने कहा कि मैं विपक्ष की ओर से भाग लेने वाली एकमात्र व्यक्ति थी, लेकिन फिर भी मुझे बोलने नहीं दिया गया। यह अपमानजनक है।

CM Mamta

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वे बंगाल को बांटना चाहते- सीएम ममता

आज दिल्ली रवाना होने से पहले अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में बंगाल के साथ किए जा रहे राजनीतिक भेदभाव का मैं विरोध करूंगी। बजट में जिस तरह से उन्होंने बंगाल और अन्य विपक्षी राज्यों के साथ भेदभाव किया है, हम उससे सहमत नहीं हो सकते। तृणमूल सुप्रीमो ने आगे कहा कि भाजपा के मंत्रियों और नेताओं का रवैया ऐसा है कि वे बंगाल को बांटना चाहते हैं और साथ ही राज्य पर आर्थिक और भौगोलिक नाकेबंदी भी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रियों और भाजपा नेताओं का रवैया ऐसा है कि वे बंगाल को बांटना चाहते हैं। आर्थिक नाकेबंदी के साथ-साथ वे भौगोलिक नाकेबंदी भी करना चाहते हैं। मंत्री ने यह बात तब कही जब संसद चल रही थी। झारखंड, बिहार, असम और बंगाल को बांटने के लिए अलग-अलग नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं। हम इस रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।

ममता ने आगे कहा कि बंगाल को विभाजित करने का मतलब देश को विभाजित करना है और आगे उल्लेख किया कि वह बैठक में अपनी आवाज रिकॉर्ड करेंगी और अगर वे उन्हें ऐसा करने नहीं देंगे, तो वह विरोध करेंगी और बैठक छोड़ देंगी। उन्होंने कहा कि बंगाल को विभाजित करने का मतलब हमारे देश, भारत को विभाजित करना है। हम इस स्थिति में अपनी आवाज रिकॉर्ड करना चाहते हैं और ऐसा करने के लिए मैं वहां मौजूद रहूंगी। अगर वे मुझे ऐसा करने देंगे तो मैं अपनी आवाज रिकॉर्ड करने की कोशिश करूंगी या फिर मैं विरोध करूंगी और बाहर आऊंगी।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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