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NHRC का यूपी के मिर्जापुर में जिम की आड़ में 'रैकेट' के आरोप पर केंद्र एवं राज्यों को नोटिस

आयोग ने कहा है कि 'युवा मामले और खेल मंत्रालय के सचिव को एक नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 'जिम/फिटनेस सेंटर' आदि के लिए किसी भी दिशानिर्देश/नीति/पंजीकरण मानदंडों के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है'

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प्रतीकात्मक फोटो (istock)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक जिम और फिटनेस सेंटर की आड़ में युवा महिलाओं को 'शोषण और जबरन धर्मांतरण' के लिए निशाना बनाते हुए एक 'संगठित रैकेट' चलाये जाने की शिकायत के मद्देनजर केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किये हैं।मामले की कार्यवाही से यह बात सामने आयी है।

आयोग ने कहा है कि 'युवा मामले और खेल मंत्रालय के सचिव को एक नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 'जिम/फिटनेस सेंटर' आदि के लिए किसी भी दिशानिर्देश/नीति/पंजीकरण मानदंडों के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है'

कार्यवाही के अनुसार, मध्यप्रदेश के अनिरुद्ध केशरे ने 28 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई। उसने दावा किया है कि मिर्जापुर जिले में, एक जिम और फिटनेस सेंटर की आड़ में एक 'संगठित रैकेट' चलाया जा रहा है, जिसका कथित उद्देश्य युवतियों को 'शोषण और जबरन धर्मांतरण' के लिए निशाना बनाना है।

शिकायतकर्ता ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया है जिनमें कथित तौर पर कई महिलाओं को निशाना बनाए जाने का संकेत दिया गया है। उसने आरोप लगाया है कि 'एक पुलिसकर्मी सीधे तौर पर शामिल है' जिससे 'पद का दुरुपयोग, कानून प्रवर्तन में विफलता और मानवाधिकारों, महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन' के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

आयोग के हस्तक्षेप की मांग की गई

कार्यवाही के अनुसार, इसमें आयोग के हस्तक्षेप की मांग की गई थी तथा 'स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास, शामिल पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इस तरह के शोषण को रोकने के लिए जिम और फिटनेस केंद्रों के लिए राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश और नियामक निरीक्षण तैयार करने' की अपील की गई है।

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली उसकी एक पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत इसका संज्ञान लिया है। कार्यवाही के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोप, प्रथम दृष्टया, पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।कार्यवाही के मुताबिक, आयोग की रजिस्ट्री को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें उन्हें जिम/फिटनेस सेंटर आदि की स्थापना के लिए दिशानिर्देश/नीति/पंजीकरण नियम और मानक के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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