PM Narendra Modi ने आज हरिवंश के निर्विरोध राज्यसभा उपभापति चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना, ये अपने आप में इस सदन का आपके प्रति जो गहरे विश्वास को जताता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीते हुए कालखंड में आपके अनुभव का जो सदन को लाभ मिला है यह उसको भी दर्शाता है। सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयास को सदन ने आज मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा हो या राज्यसभा में आने वाले नए सांसद हरिवंश जी से बहुत कुछ सीख सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, हमने सबने Harivansh के नेतृत्व में सदन की शक्ति को और प्रभावी होते देखा है। उन्होने कहा, मैं कह सकता हूं, सदन की कार्रवाई का संचालन ही नहीं, अपने जीवन के जो अनुभव हैं, उसको भी बहुत ही सटीक तरीके से हरिवंश जी उपयोग में लाते हैं।
सबके प्रयासों से सदन की गरिमा को आगे ले जाएंगे
पीएम मोदी बोले, उनके यह अनुभव सदन के संचालन और माहौल को और परिपक्व बनाते हैं। पीएम ने कहा, उपसभापति जी का नया कार्यकाल उसी पहले वाली भावना, संतुलन और समपर्ण के साथ आगे बढ़ेगा और हम सबके प्रयासों से वह सदन की गरिमा को आगे ले जाएंगे।
नए सांसद हरिवंश से सीख सकते हैं
पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि नए सांसद फिर चाहे वह लोकसभा के हों या राज्यसभा के, वह हरिवंश जी से बहुत कुछ सीख सकते हैं। पीएम ने बताया कि समय की पाबंदी हरिवंश की विशेषता रही है, इसीलिए आपको सबका समर्थन मिलता है।
इस दौरान उन्होंने हरिवंश के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, हरिवंश जी का जन्म, जेपी के गांव में हुआ और सहज रूप से ग्रामीण पृष्टभूमि के कारण वह गांव के विकास के लिए विद्यार्थी काल से ही कुछ न कुछ करते रहे। उन्होंने काशी में भी शिक्षा ली।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से हरिवंश का जुड़ाव
पीएम मोदी बोले - आज 17 अप्रैल है और 17 अप्रैल 1927, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी का जन्म हुआ था। पीएम मोदी ने कहा, आज जब आप तीसरे कार्यकाल में जा रहे हैं तो चंद्रशेखर जी के साथ आपका जुड़ाव और उनके प्रति आपका लगाव याद आता है। पीएम मोदी ने कहा, आप चंद्रशेखर जी के सहयात्री रहे हैं। आपने चंद्रशेखर जी के जीवन पर किताबें भी लिखी हैं।
पीएम मोदी ने कहा, हरिवंश का सार्वजनिक जीवन सिर्फ संसदीय कामों तक सीमित नहीं है। उनका पत्रकारिता का अनुभव भी काफी लंबा रहा है। पीएम ने कहा, हम सब जानते हैं उनकी लेखनी में धार है। लेकिन उनकी वाणी और व्यवहार में मधुरता और सौम्यता है। पत्रकारिता में भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का उनका सफलतापूर्वक प्रयास रहा।
