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'पढ़े-लिखे इलाकों से ज्यादा क्रिमिनल और रेड लाइट एरिया से मिले वोट'; नितिन गडकरी का नागपुर में बड़ा बयान, बताई वजह

Nitin Gadkari Red Light Area Votes: नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि चुनाव में उन्हें शिक्षित क्षेत्रों की तुलना में क्रिमिनल और रेड लाइट इलाकों से ज्यादा वोट मिले।

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'पढ़े-लिखे इलाकों से ज्यादा क्रिमिनल और रेड लाइट एरिया से मिले वोट'; नितिन गडकरी का नागपुर में बड़ा बयान, बताई वजह

Nitin Gadkari Statement Nagpur Voting: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक हालिया बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नागपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने अपने चुनाव में मिले मतदान के आंकड़ों का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प अनुभव साझा किया।

उन्होंने बताया कि संसदीय चुनाव के दौरान उन्हें अत्यधिक पढ़े-लिखे और संभ्रांत क्षेत्रों की तुलना में कथित क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से कहीं अधिक प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।

मतदान प्रतिशत के आंकड़े: गडकरी ने साझा किया अनुभव

नागपुर से सांसद नितिन गडकरी ने कार्यक्रम में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा:

शिक्षित क्षेत्र: शहर के अत्यधिक पढ़े-लिखे और मध्यम/उच्च वर्गीय इलाकों में उन्हें लगभग 70 से 75 प्रतिशत मतदान मिला।

अंडरवर्ल्ड व रेड लाइट एरिया: वहीं दूसरी ओर, क्रिमिनल पृष्ठभूमि, अंडरवर्ल्ड से प्रभावित और रेड लाइट इलाकों में उन्हें 92 प्रतिशत तक वोट प्राप्त हुए।

संबंध होने के आरोपों को किया खारिज; विकास कार्यों को दिया श्रेय

अपने बयान पर किसी भी तरह की गलतफहमी या विवाद को रोकते हुए गडकरी ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि मेरे उन लोगों से कोई व्यक्तिगत संबंध हैं या मैं उनके अनैतिक या गैर-कानूनी कामों का समर्थन करता हूं। वास्तविकता यह है कि उन इलाकों में मूलभूत सुविधाओं, सड़कों के निर्माण और बुनियादी सामाजिक सुधार के काम किए गए। विकास कार्यों की वजह से वहां के लोगों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुझे वोट दिया।'

गडकरी ने अपने संबोधन में यह जोर देकर कहा कि जनसेवा और बिना किसी भेदभाव के किया गया विकास कार्य ही जनता के दिल को जीतता है, चाहे वह समाज का कोई भी वर्ग या क्षेत्र क्यों न हो। इससे पहले गडकरी ने कहा कि वह अब पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते और अब काम की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में सौंप देनी चाहिए। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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