NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई को शनिवार को एक और बड़ी कामयाबी मिली। सीबीआई ने पेपर लीक मामले के एक और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। हालिया गिरफ्तारी एक वरिष्ठ बॉटनी टीचर की दिल्ली से हुई है।
किसकी हुई गिरफ्तारी?
जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की। बकौल सीबीआई, मनीषा मंधारे NTA की ओर से NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हुई थीं। उनकी बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में मनीषा मंधारे ने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे के जरिए छात्रों को एकत्रित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर स्पेशल कोचिंग क्लासेस संचालित कीं। इन क्लासेस में मनीषा ने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के संभावित सवाल बताए। साथ ही इन सवालों को नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया। सीबीआई ने दावा किया कि इनमें से ज्यादातर सवाल 3 मई, 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में आए थे।
लगातार हो रही छापेमारी
सीबीआई ने पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी जांच जारी है।
'मास्टरमाइंड' गिरफ्तार
इससे पहले, सीबीआई ने पुणे से पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड को पुणे से गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शुक्रवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच शुरू होने के तीन दिन के भीतर इसे सुलझाने का दावा करते हुए पुणे के एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है, जिसे पेपर लीक का 'मुख्य स्रोत' बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ और लातूर निवासी प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी कई वर्षों से नीट पेपर तैयार करने वाली समितियों से जुड़े रहे हैं। प्रोफेसर कुलकर्णी को पुणे स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।
