Mumbai Boat Incident: नौसेना के एक घायल कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि मुंबई तट के पास एक नौका से टकराने वाले नौसेना के जहाज के चालक ने इंजन परीक्षण के दौरान जहाज पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बीच समुद्र में यह घातक दुर्घटना हुई।
नौसैनिक का बयान दर्ज
दुर्घटना की जांच कर रही पुलिस ने घायल नौसेना कर्मचारी का बयान दर्ज किया। वह तेज गति से आ रही जहाज पर सवार था, जो बुधवार दोपहर गेटवे ऑफ इंडिया से लोकप्रिय पर्यटन स्थल एलीफेंटा द्वीप जाते समय 'नीलकमल' नौका से टकरा गई थी।
इस टक्कर में नौसेना की स्पीडबोट पर सवार चार लोगों सहित 14 लोगों की मौत हो गयी। नौका 100 से अधिक यात्रियों को ले कर जा रही थी और यह अरब सागर में डूब गई।
नौसैनिक का चल रहा इलाज
अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रही कोलाबा पुलिस थाने की एक टीम ने घायल नौसेना कर्मचारी कर्मवीर यादव का बयान दर्ज किया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यादव के अनुसार, नौसेना के जहाज का समुद्र में इंजन परीक्षण हो रहा था, तभी चालक ने नियंत्रण खो दिया जिसके कारण जहाज यात्रियों से भरी नौका से टकरा गया।
नौसेना प्रमुख ने की अधिकारियों से मुलाकात
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को नौसेना की पश्चिमी कमान में नाव पलटने की घटना के सिलसिले में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। एक अधिकारी ने बताया कि एडमिरल त्रिपाठी ने उस स्थान का हवाई निरीक्षण भी किया, जहां बुधवार दोपहर को वह घटना हुई थी। बता दें कि नौसेना ने गुरुवार को मामले की जांच के लिए 'जांच बोर्ड' गठित किया है।
नाव चालकों ने क्या कुछ कहा?
नाव हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए पहुंचे कुछ नावों के चालक घटनास्थल के हालात देखकर स्तब्ध रह गए, जहां लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। चालकों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी भयावह घटना कभी नहीं देखी। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (MBPT) की पायलट नौका 'पूर्वा' के चालक आरिफ बामणे ने कहा कि जब हम वहां पहुंचे तो हालात बेहद भयावह थे। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे और कुछ लोग तो रो रहे थे।
छोटी पर्यटक नौका के चालक इकबाल गोठेकर ने बताया कि उनकी नौका के ‘एलीफेंटा’ द्वीप से अपराह्न तीन बजकर 35 मिनट पर रवाना होने के 25 से 30 मिनट बाद उन्हें घटना के बारे में जानकारी हुई और वह दुर्घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में से एक थे।
(इनपुट: भाषा)
