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मां, पत्नी और चार बच्चे...मोरबी पुल हादसे में दो सगे भाईयों का पूरा परिवार हो गया खत्म

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 1, 2022, 12:55 AM IST

गुजरात की राजधानी गांधीनगर से करीब 300 किलोमीटर दूर मोरबी में माच्छू नदी पर स्थित यह पुल रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे ढह गया था। इस घटना में 134 लोगों की मौत हो गई है और अब तक 170 लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं दर्जनों लोग अभी लापता हैं।

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मोरबी पुल हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत

Photo : PTI

मोरबी पुल हादसे (Morbi Bridge Collapse) में अबतक 134 लोगों की मौत हो चुकी है। इन हादसे में कई परिवारों के घर के चिराग बुझ चुके हैं। अब जो जानकारी सामने आ रही है वो तो और भी दिल दहला देने वाली है। इस हादसे में एक ही परिवार के दो भाईयों का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो गया है। इस परिवार के कुल सात लोगों की मौत इस हादसे में हो गई है।

पीड़ित जडेजा परिवार के सात सदस्य रविवार को गुजरात के मोरबी शहर के एक मंदिर से लौट रहे थे, जब बच्चों ने इस पुल पर जाने की जिद की थी। परिवार में चार बच्चे, दोनो भाईयों की पत्नियां और मां शामिल थीं। सभी ने बच्चों की जिद के सामने झुकते हुए इस पुल पर घूमने के लिए फैसला किया और वो टिकट लेकर चले गए।इसके बाद ये पूरा परिवार वापस नहीं लौटा।

रॉयटर्स के अनुसार दो जडेजा भाइयों - प्रतापसिंह और प्रद्युम्नसिंह के चचेरे भाई कनकसिंह जडेजा ने कहा- "वे पुल पर थे, जब वो गिर गया। उन्होंने अपनी मां, पत्नियों और चार बच्चों को खो दिया।"

परिवार ने बताया कि एक भाई घटना के समय एक होटल में काम कर रहे थे, लेकिन जब वे रात 8 बजे के करीब घर पहुंचे तो दरवाजा बंद पाया। घर पर कोई नहीं था। खोजबीन शुरू हुई, तभी पता चला कि पुल टूट गया है। इस हादसे के बाद वो कभी नहीं लौटे।

बता दें कि इस हादसे में अभी तक 134 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही सौ से ज्यादा लोग घायल भी हुआ हैं। जिनका इलाज अभी जारी है। वहीं दर्जनों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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