देश

Morbi Bridge Collapse: टिकट बेचने में लगे थे कर्मी, बोले थे 'भीड़ काबू करने का नहीं है उपाय'- शख्स की आपबीती

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 31, 2022, 08:49 AM IST

Morbi Bridge Collapse: हादसे में बाल-बाल बचे मेहुल रावल ने बताया कि पुल जब टूटा उस वक्त उसपर करीब 300 लोग खड़े होंगे। अस्पताल में एडमिट रावल ने स्थानीय पत्रकारों से कहा, ‘‘हम जब पुल पर थे, तभी वह अचानक बीच से दबने लगा था। सभी लोग नीचे गिर गए। कई लोग मर गए, जबकि कई लोग घायल हुए। पुल पर बहुत ज्यादा लोग थे, इसलिए वह गिरा।’’

Image

Morbi Bridge Collapse: ब्रिटिश काल में बना यह पुल मरम्मत के बाद चार दिन पहले ही लोगों के लिए खुला था। (AP)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Morbi Bridge Collapse: गुजरात (Gujarat) के मोरबी (Morbi) में हुए भयानक पुल हादसे (Bridge Collapse Accident) में अहमदाबाद (Ahmedabad) के विजय गोस्वामी और उनकी फैमिली बाल-बाल बची।

रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को हुए हादसे से कुछ घंटे पहले ही वह सपरिवार ब्रिज पर गए थे, पर कुछ युवकों की ओर से केबल पुल हिलाए जाने के चलते वह नीचे उतर आए थे। हालांकि, उन्होंने इस बारे में वहां मौजूद कर्मचारियों से शिकायत भी की थी, पर वे लोग टिकट बेचने में लगे थे। बोले थे कि उनके पास भीड़ काबू करने के लिए कोई उपाय नहीं है।

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली की छुट्टियों में परिवार के साथ मोरबी पहुंचे गोस्वामी ने पत्रकारों को बताया- पुल पर बहुत भीड़ थी। मैं और मेरा परिवार जब वहां पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को हिला रहे थे। लोगों के लिए बिना सहारे के उस पर खड़ा होना मुश्किल था। चूंकि मुझे लगा कि यह खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए मैं पुल पर कुछ दूर चढ़ने के बाद ही परिवार के साथ नीचे उतर आया।

बकौल गोस्वामी, ‘‘वहां से जाने से पहले मैंने ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी को लोगों को पुल हिलाने से रोकने को भी कहा। लेकिन उन्हें सिर्फ टिकट बेचने में दिलचस्पी थी और उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने का कोई उपाय नहीं है। हमारे वहां से जाने के कुछ ही घंटे बाद हमारा डर सच हो गया और पुल टूट गया।’’

मौके पर कई बच्चों ने पत्रकारों को बताया कि पुल गिरने के बाद उनके परिवार के सदस्य या माता-पिता फिलहाल लापता हैं। 10 साल के एक मासूम के मुताबिक, ‘‘खचाखच भीड़ के बीच पुल अचानक टूट गया था। मैंने रस्सी पकड़ रखी थी, इसलिए मैं बच गया। मैं फिर उसी के सहारे धीरे-धीरे ऊपर आया। पर मेरे मम्मी-पापा अभी भी लापता हैं।’’

हादसे में बाल-बाल बचे मेहुल रावल ने बताया कि पुल जब टूटा उस वक्त उसपर करीब 300 लोग खड़े होंगे। अस्पताल में एडमिट रावल ने स्थानीय पत्रकारों से कहा, ‘‘हम जब पुल पर थे, तभी वह अचानक बीच से दबने लगा था। सभी लोग नीचे गिर गए। कई लोग मर गए, जबकि कई लोग घायल हुए। पुल पर बहुत ज्यादा लोग थे, इसलिए वह गिरा।’’

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article