देश

Morbi Cable Bridge History:करोड़ों खर्च के बाद भी तमाम लोगों की मौत के जिम्मेदार 'मोरबी के झूलते हुए पुल' की कहानी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 31, 2022, 10:56 AM IST

Gujarat's Morbi Bridge Collapses News: गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बना पुल टूटा कई लोग नदी में समाए, हादसे में 100 लोगों की मौत हो गई, इस पुल का इतिहास काफी पुराना है।

Image

गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज यानी 'झूलते हुए पुल'का इतिहास काफी पुराना है

Gujarat's Morbi Bridge History:गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज यानी 'झूलते हुए पुल' के गिरने की खबर संडे शाम को आई इस घटना से अफरातफरी मची हुई है, बताते हैं कि हादसे में करीब 100 लोगों की जान जा चुकी है और 70 से ज्यादा घायल हैं, इस 'झूलते हुए पुल' का इतिहास जानिए....

गौर हो कि 'झूलते हुए पुल' के रखरखाव पर काफी मोटा पैसा हर साल खर्च होता है लेकिन उसके बाद भी ये पुल 100 लोगों की जिंदगियां लील गया।

कब बना था मोरबी का ये 'झूलता हुआ पुल' (Morbi Cable Bridge)

बताते हैं कि मोरबी का पुल 1887 में बनाया गया था जिसे मोरबी के राजा वाधजी ठाकोर ने बनवाया था, यह पूल मच्‍छू नदी पर बना हुआ है। यह पूल 1.25 मीटर लम्बा और 233 मीटर चौड़ा है। यह पुल दरबारगढ़ महल और लखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज को जोड़ने का काम करता है।

उस समय की उन्‍नत इंजीनियरिंग का जीता जागता नमूना है ये 'झूलता हुआ पुल'

मोरबी शासको द्वारा बनवाया यह पूल उस समय की उन्‍नत इंजीनियरिंग का जीता जागता नमूना है। यह पूल मार्बल से बना हुआ है। इस झूलते पूल का निर्माण मोरबी राज्य को एक अलग पहचान देने के उद्देश्य से, उस समय यूरोप में उपलब्ध तकनीक के आधार पर किया गया था। ध्यान रहे मोरबी राजकोट से मात्र 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है मच्छू नदी के तट पर स्थित है राजकोट से रेल और सड़क द्वारा जुड़ा है।

मोरबी 'मच्छु नदी' के किनारे बसा हुआ शहर

गौर हो कि मोरबी (Morbi) या मोरवी (Morvi) भारत के गुजरात राज्य के मोरबी ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। मोरबी मच्छु नदी के किनारे बसा हुआ है। भारत के स्वतंत्र होने से पहले यह देशी राज्य पूर्वी कठियावाड़ सबएजेंसी के अधिकार में था। इसका क्षेत्रफल 822 वर्ग मील था। यहाँ के शासक (पदवी ठाकुर) जदेजा राजपूत थे और अपने को कच्छ के राव का वंशज मानते थे।

इसके सभी एतिहासिक स्मारकों को बाढ़ ने जर्जर कर दिया था

फरवरी 15, 1948 ई. में यह सौराष्ट्र में मिला दिया गया। अब यह क्षेत्र गुजरात राज्य में है। मयूरध्वज मोरबी के राजा थे। 1979 में आई बाढ़ के कारण मोरबी निर्जन हो गया था। इसके सभी एतिहासिक स्मारकों को बाढ ने जर्जर कर दिया था। लेकिन अब मोरबी ने एक बार फिर टाईल्स और घडी बनाने के कारखाने के बल पर अपने को खड़ा कर लिया है।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article