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CJP Protest: वांगचुक के उपवास के बीच कचौड़ी और नूडल्स खाने पर मजाक उड़ाए जाने के बाद दिपके ने दी सफाई

वांगचुक का नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन उपवास 10वें दिन में पहुंचा, तो लोगों का ध्यान विरोध-प्रदर्शन से हटकर इस बात पर चला गया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके क्या खा रहे थे।

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कचौड़ी और नूडल्स खाने पर मजाक उड़ाए जाने के बाद दिपके ने दी सफाई

मंगलवार को जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन उपवास 10वें दिन में पहुंचा, तो लोगों का ध्यान विरोध-प्रदर्शन से हटकर इस बात पर चला गया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके क्या खा रहे थे। सोशल मीडिया पर दिपके के ब्रेड पकौड़े और नूडल्स खाते हुए वीडियो वायरल हो गए, जिससे मीम्स बनने लगे और उन पर तंज कसे जाने लगे। आलोचकों ने सवाल उठाया कि वांगचुक उपवास क्यों कर रहे थे, जबकि CJP के दिपके या उनके साथी ऐसा नहीं कर रहे थे।

कुछ लोगों ने दिपके का मज़ाक भी उड़ाया क्योंकि वे मंच पर वांगचुक के बगल में बैठकर खाना खा रहे थे, जबकि वांगचुक अनिश्चितकालीन उपवास पर थे। रविवार को दिपके को वांगचुक के ठीक बगल में बैठकर कचौड़ी खाते हुए देखा गया था। आलोचनाओं के बीच, दिपके ने 'दिल्ली तक' के साथ बातचीत में इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वीडियो को संदर्भ से हटकर फैलाया जा रहा है और कहा कि पार्टी की कोर टीम ने जानबूझकर भूख हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया ताकि विरोध-प्रदर्शन जारी रह सके। उन्होंने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर भी चिंता जताई और कहा कि उन्होंने 'उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन एक्टिविस्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया'

सोनम वांगचुक, जिनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गई, अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली CJP के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। वे परीक्षा पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे।

CJP की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में हुई

मई में दिपके द्वारा शुरू की गई CJP की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में हुई थी। यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की टिप्पणियों में कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवी' से की गई थी। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया क्योंकि यह NEET-UG 2026 परीक्षाओं में पेपर लीक की खबरों के साथ हुआ था, जिसमें 22 लाख से ज़्यादा छात्र शामिल हुए थे।

अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले दिपके भारत लौट आए

अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले दिपके भारत लौट आए। ऑनलाइन शुरू हुआ यह आंदोलन सड़कों पर विरोध प्रदर्शन में बदल गया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने के कुछ ही घंटों बाद, दिपके ने जंतर-मंतर पर जमा हुए हज़ारों लोगों को संबोधित किया। ये लोग परीक्षा के पेपर लीक, बेरोजगारी और प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन अब एक नए चरण में पहुंच गए हैं, जिसमें सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। हालांकि, भूख हड़ताल के कुछ दिनों बाद ही दिपके ऑनलाइन विवाद के केंद्र में आ गए हैं। यह विवाद उनके विरोध करने के तरीके या बयानों को लेकर नहीं, बल्कि नई दिल्ली में विरोध स्थल पर उनके खाने-पीने को लेकर है।

दिपके ब्रेड पकौड़े और नूडल्स खाते हुए दिख रहे हैं

पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें दिपके ब्रेड पकौड़े और नूडल्स खाते हुए दिख रहे हैं, जबकि वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं। कई लोगों ने इस अंतर का मजाक उड़ाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व CJP कर रहा है, तो सिर्फ वांगचुक ही उपवास क्यों कर रहे हैं।

दिपके ने 'दिल्ली तक' के साथ बातचीत में इस विवाद पर अपनी बात रखी

ध्यान भटकाने की बचकानी कोशिश पर क्या बोले अभिजीत दिपके

वायरल हो रहे 'ब्रेड पकौड़ा खाते हुए' वीडियो क्लिप के बारे में पूछे जाने पर, दिपके ने इसे विरोध प्रदर्शन के जरिए उठाए जा रहे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

दिपके ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की एक बचकानी कोशिश है।' उनके अनुसार, यह वीडियो वांगचुक के विरोध स्थल पर पहुंचने से पहले का है और इसे बिना संदर्भ के शेयर किया जा रहा है।

दिपके ने आगे कहा,'वह वीडियो सोनम सर की भूख हड़ताल शुरू होने से पहले का है। इसे काटकर और बिना संदर्भ के फैलाया जा रहा है। सोनम सर हमारे साथ आठ या दस दिन बाद जुड़े क्योंकि वह एक क्लाइमेट समिट के लिए यूरोप में थे। यह वीडियो उनके आने से पहले का है।'

दिपके ने बताया कि वांगचुक ने खुद तय किया था कि सिर्फ़ वही अनिश्चितकालीन उपवास करेंगे, जबकि मुख्य आयोजन टीम विरोध प्रदर्शन को संभालने के लिए मौजूद रहेगी। 'खुद सोनम सर ने हमसे कहा कि कोर टीम को भूख हड़ताल पर नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि किसी न किसी को तो विरोध-प्रदर्शन को संभालना ही होगा। अगर हम सभी भूख हड़ताल पर बैठ गए, तो यहां आने वाले हज़ारों लोगों को कौन संभालेगा? हर छोटी-मोटी बात पर पुलिस से कौन निपटेगा? इसीलिए कोर टीम भूख हड़ताल पर नहीं है,' दिपके ने आगे कहा।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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