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Teacher Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आंशिक राहत

Teacher Recruitment Scam: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त पोस्ट (Supernumerary) पोस्ट बनाने के फैसले की CBI जांच के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को रद्द किया

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ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

Teacher Recruitment Scam: बंगाल सरकार ने दागी उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए अतिरिक्त शिक्षक पदों का सृजन किया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 25 हज़ार से ज़्यादा शिक्षको की नियुक्ति रद्द करने के साथ साथ इन पोस्ट के सृजन के ममता सरकार के फैसले की भी सीबीआई जांच का आदेश दिया था। आज यानी 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त पदों(suppernumerary posts) बनाने के फैसले की CBI जांच के HC के आदेश को खारिज कर दिया है।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि आज का आदेश अतिरिक्त पदों के सृजन की जांच करने के मामले तक सीमित है और किसी भी तरह से इस पूरे घोटाले के अन्य पहलुओं में जो सीबीआई जांच कर रही है या चार्जशीट दाखिल कर रही है , उस पर इसका कोई असर नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल सरकार ने कोर्ट में दलील दी थी कि हाई कोर्ट ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करके हड़बड़ी में फैसला लिया, सरकार का कहना था कि 25,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म होने से शिक्षा व्यवस्था ठप हो जाएगी और छात्रों पर बुरा असर पड़ेगा।

'26 हजार शिक्षकों को बेरोजगार बना दिया गया'

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 26 हजार शिक्षकों को बेरोजगार बना दिया गया और इसके लिए सीएम ममता सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने एक बड़ा शिक्षक भर्ती घोटाला किया है, जिसमें फर्जी नियुक्तियां की गई हैं और इससे असली योग्य शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने पैसे लेकर 5-6 हजार नौकरियां बेच दीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 16 बार सुनवाई हो चुकी है, जहां अदालत ने बार-बार यह आदेश दिया कि फर्जी और असली नियुक्तियों को स्पष्ट रूप से अलग किया जाए। लेक‍िन राज्य सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के रिश्तेदारों ने इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया है

अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के रिश्तेदारों ने इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया है। उन्होंने बीरभूम जिले का उदाहरण दिया, जहां मुख्यमंत्री के रिश्तेदार कथित रूप से इस घोटाले में शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह मामला 700-800 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है। पार्थ चटर्जी जैसे नेता आज भी जेल में हैं और सुजॉय कृष्ण भद्र के ऑडियो संदेश में अभिषेक बनर्जी का नाम सामने आया है। यह घोटाला पूरी तरह से भ्रष्टाचार से भरा हुआ है। ममता बनर्जी की सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य तबाह कर दिया है और उनकी तुरंत बहाली होनी चाहिए। अधिकारी ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से मजबूत कदम उठाने की मांग की। अधिकारी ने कहा कि हम पात्र उम्मीदवारों के पक्ष में हैं और मांग करते हैं कि उन्हें तुरंत नौकरी पर बहाल किया जाए।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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