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जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाने पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, बोले- लोकतंत्र और संविधान पर लगा एक और काला धब्बा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान पर काला धब्बा बताया तथा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।

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सोनम वांगचुक के मामले पर खरगे का केंद्र पर तीखा प्रहार (फोटो- PTI)

Photo : PTI

Sonam Wangchuk: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने की पुलिस कार्रवाई की शनिवार को कड़ी आलोचना की और इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि, "111 दिन तक मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन, इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख्शा।’’ उन्होंने कहा, "इनकी नजर में कोई भी अगर आवाज उठाता है तो वह राष्ट्र विरोधी है, परजीवी है। जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है।" खरगे ने आगे कहा, "कोटा और देहरादून से 'छात्रों की गूंज' का आगाज हो चुका है…यह दिल्ली की दहलीज तक जरूर पहुंचेगी।"

पवन खेड़ा ने क्या बोला?

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी इस कार्रवाई की निंदा करते हुए एक्स पर कहा कि, "हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है। लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है।"

गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है दिल्ली पुलिस

पवन खेड़ा ने आगे आरोप लगाते हुए कहा, "इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज दुनिया के सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र-विरोधी राजनीतिक दल के कब्जे में है। दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस आयुक्त दिया है। अगर आज की बर्बर कार्रवाई आयुक्त साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज्यादा सत्ता के प्रति है।"

"न संविधान की इज्जत है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की"

खेड़ा ने कहा, "महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटना हो या पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी करना, यह सरकार बार-बार दिखा चुकी है कि उसे न संविधान की इज्जत है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की। आज की घटना ने एक बार फिर इस सोच को बेनकाब कर दिया है। इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून एवं व्यवस्था की एक समस्या है, जिसे डंडे के जोर पर कुचलना सही माना जाता है।"

वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में कराया गया ट्रांसफर

जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने से कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उन्हें जरूरी इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर सोनम वांगचुक की चिकित्सकीय जांच कर रहे हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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