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हत्या-धमकी बंद करो: लेह हिंसा पर सरकार पर बरसे राहुल गांधी, कहा- सोनम वांगचुक को जेल में डाल दिया

वांगचुक, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्रशासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हैं। हिंसा के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी

कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लेह हिंसा के लिए मोदी सरकार को दोषी ठहराते हुए बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख के लोग और उनकी संस्कृति और परंपराएं भाजपा और आरएसएस के निशाने पर हैं। लद्दाख को उसका हक मिलना चाहिए। हत्या और हिंसा बंद होनी चाहिए।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की आलोचना

राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "लद्दाख के अद्भुत लोग, संस्कृति और परंपराएं, भाजपा और आरएसएस के निशाने पर हैं। लद्दाखियों ने आवाज उठाई। भाजपा ने जवाब में चार युवकों की हत्या कर दी और सोनम वांगचुक को जेल में डाल दिया। हत्या बंद करो। हिंसा बंद करो। धमकी बंद करो। लद्दाख को आवाज दो। उन्हें छठी अनुसूची दो।"

लेह में पांचवें दिन भी कर्फ्यू

बता दें कि हिंसा प्रभावित लेह शहर में रविवार को लगातार पांचवें दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। बुधवार को हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए जबकि दंगों में संलिप्तता के आरोप में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया और उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया। कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में पुलिस और दंगा-रोधी उपकरणों से लैस केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भारी संख्या में तैनात देखे गए जबकि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवान भी आज सुबह फ्लैग मार्च करते दिखाई दिए। हिंसा में मारे गए दो लोगों का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा।

सोनम वांगचुक को लेकर पुलिस का दावा

लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस.डी. सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में, पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है। जामवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जांच (वांगचुक के खिलाफ) में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया जारी है। अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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