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जनगणना 2027 में बड़ा बदलाव: स्थायी लिव-इन संबंध को माना जाएगा शादी के बराबर, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

Census of India 2027 के लिए शुरू किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी FAQ के अनुसार, यदि कोई लिव-इन कपल अपने संबंध को स्थायी मानता है, तो जनगणना में उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, जिसमें नागरिकों से घर की संरचना, परिवार के सदस्यों, सामाजिक वर्ग, सुविधाओं और संपत्ति जैसी कुल 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी।

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जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से होगा शुरू (फाइल फोटो- PTI)

देश में होने वाली अगली जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, यदि कोई लिव-इन कपल अपने संबंध को स्थायी और स्थिर मानता है, तो जनगणना के दौरान उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में ही दर्ज किया जाएगा। PTI के अनुसार यह जानकारी जनगणना के लिए शुरू किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) में दी गई है। Census of India 2027 के लिए सरकार ने लोगों को स्वयं जानकारी दर्ज करने की सुविधा देने हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल जनगणना के दोनों चरणों- हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO) तथा पॉपुलेशन एन्यूमरेशन- के लिए उपलब्ध रहेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को प्रक्रिया समझने और सही जानकारी देने में आसानी प्रदान करना है।

लिव-इन कपल को लेकर क्या कहा गया

FAQ में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हुए अपने संबंध को स्थायी और स्थिर मानता है, तो उसे विवाहित जोड़े के रूप में ही माना जाएगा। इस फैसले को सामाजिक बदलावों और आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण

सरकार ने बताया है कि जनगणना के पहले चरण की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी। इस चरण में नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों का उद्देश्य घर की स्थिति, सुविधाओं और परिवार की सामाजिक-आर्थिक जानकारी एकत्र करना है।

किन-किन विषयों पर पूछे जाएंगे सवाल

  • घर की फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है
  • घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं
  • परिवार के मुखिया का लिंग और सामाजिक वर्ग (SC/ST या अन्य)
  • घर की स्थिति और उपयोग
  • परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की संख्या
  • किस प्रकार का अनाज या भोजन अधिक उपयोग होता है
  • बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता
  • परिवार के पास कौन-कौन से वाहन हैं

अधिकारियों के अनुसार, इन जानकारियों के आधार पर सरकार देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना और बुनियादी जरूरतों का बेहतर आकलन कर सकेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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