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झारखंड के चाईबासा में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, एनकाउंटर में 15 नक्सलियों की मौत

चाईबासा के सारंडा जंगल इलाके में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की खबर है। रखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में 15 माओवादी मारे गए, जिनमें से एक माओवादी पर एक करोड़ रुपये का इनाम था।

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सारंडा में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ (फाइल फोटो: canva)

चाईबासा के सारंडा जंगल इलाके में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की खबर है। झारखंड पुलिस के मुताबिक, इलाके में ऑपरेशन जारी है। रखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में 15 माओवादी मारे गए, जिनमें से एक माओवादी पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की घटना सारंडा जंगल के कुमडी में किरिबुरु थाना क्षेत्र में हुई। उन्होंने कहा, "इस ऑपरेशन में पतिराम माझी उर्फ अनल दा की भी मौत हुई है।"

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरीय अधिकारियों को सारंडा जंगल में बड़े माओवादियों के होने की गुप्त सूचना मिली थी। इस खबर के बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने छोटानागरा थाना क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। बताते हैं कि जैसे ही सुरक्षा बल माओवादियों के नजदीक पहुंचे उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी फिर इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई शुरु की।

बीजापुर जिले में एक मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इससे पहले 17-18 जनवरी को बस्तर रेंज के बीजापुर जिले में एक मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बताया कि छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए, साथ ही दो AK-47 राइफल, एक NASA राइफल, दो 303 राइफल और एक BGL लॉन्चर बरामद किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शहरी नक्सलवाद के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई

एक पहले के बयान में, डिप्टी सीएम ने कहा था कि चार नक्सली मारे गए हैं, जिनमें से एक बड़ा नाम दिलीप बेदजा है, जो लंबे समय से नेशनल पार्क इलाके में सक्रिय था। हाल ही में, 20 जनवरी को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के राष्ट्रीय मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शहरी नक्सलवाद (Urban Naxalism) के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा, 'एक और बड़ी चुनौती शहरी नक्सल है। शहरी नक्सल का दायरा अंतरराष्ट्रीय होता जा रहा है। अगर वे साल में एक या दो बार भी मोदी के बारे में कुछ सकारात्मक ट्वीट करते हैं, या टीवी पर कुछ सकारात्मक कहते हैं, या अखबार में कुछ सकारात्मक लिखते हैं, तो कुछ पत्रकार उन्हें इतना अपमानित करते हैं कि उन्हें परेशान किया जाता है और अछूत बना दिया जाता है।

'यह अर्बन नक्सलवाद का तरीका है'

उन्हें इसलिए चुप करा दिया जाता है ताकि वे दोबारा कभी बोल न सकें। यह अर्बन नक्सलवाद का तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठिए देश के लिए बहुत गंभीर खतरा हैं, उनकी पहचान करना और उन्हें उनके देशों में वापस भेजना बहुत ज़रूरी है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने भी देश भर में घुसपैठियों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा था, 'हमें पूरी ताकत से हर चुनौती का सामना करते रहना चाहिए। आज देश के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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