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जम्मू-कश्मीर में ISI की बड़ी साजिश का खुलासा, रियासी और उरी में करीब 25 आतंकी मौजूद, बड़ी हमले की तैयारी

हालिया दिनों में आतंकियों ने अपनी रणनीति बदलते हुए जम्मू को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आतंकी न सिर्फ आम लोगों बल्कि जवानों को भी निशाना बना रहे हैं।

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जम्मू में आतंकी हमले

Photo : PTI

ISI conspiracy in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के हमलों में आई तेजी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इसे लेकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की नापाक साजिश का खुलासा हुआ है। आईएसआई की जम्मू के खिलाफ बड़ी साजिश सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएसआई के इशारे पर पीओके (POK) में आतंकियों के तीन लॉन्चिंग पैड खोले गए हैं। 6 पॉइंट पर बॉर्डर पार घुसपैठ हो रही है। इनमें बाग, कोटली, नाली, समाहनी, तरकुंडी और नकयाल शामिल हैं।

सुंदरबनी से कई बार घुसपैठ की कोशिश

सूत्रों के मुताबिक, पिछले तीन महीने में सुंदरबनी से घुसपैठ की कई बार कोशिश की गई है। रियासी और उरी में करीब 25 आतंकी मौजूद हैं। आतंकी टनल के जरिए कठुआ और सांभा तक पहुंचे हैं। आतंकियों ने बड़े हमले की रणनीति बनाई है। हमले सेना कैंप से दूर हाईवे के पास किए जा रहे हैं ताकि मदद आने से पहले निकल सकें।

जम्मू को निशाना बनाना शुरू किया

हालिया दिनों में आतंकियों ने अपनी रणनीति बदलते हुए जम्मू को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आतंकी न सिर्फ आम लोगों बल्कि जवानों को भी निशाना बना रहे हैं। आतंकियों ने सबसे पहले जून में रियासी में एक बस पर गोलियां बरसाकर करीब 12 लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद हमलों का सिलसिला और तेज हो गया। पहले आतंकियों ने कठुआ में सेना के वाहन को हमला कर 4 जवानों की जान ली, फिर सबसे हालिया हमले में डोडा में एक मुठभेड़ में कैप्टन समेत 5 जवान शहीद हो गए।

एक महीने के भीतर कई आतंकी हमले

जम्मू-कश्मीर में पिछले एक महीने के अंदर आतंकी घटनाओं में खासी बढ़ोतरी हुई है और आतंकियों ने जम्मू को खास तौर पर निशाना बनाया है। आतंकियों ने अपनी रणनीति बनाते हुए शांत जम्मू को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। सबसे पहले 9 जून को आतंकियों ने जम्मू के रियासी में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर गोलीबारी की जिसमें 9 लोग मारे गए थ। फिर, आतंकियों ने कठुआ में 8 जुलाई को सेना की गाड़ी को निशाना बनाया, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए थे। पिछले एक महीने के भीतर आतंकी 7 बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 12 जवान शहीद हुए हैं और 9 आम नागरिकों की मौत हुई है।

2005 में आतंकवाद से मुक्त हुए डोडा में भी हमले

वर्ष 2005 में आतंकवाद से मुक्त हो चुके डोडा जिले में 12 जून के बाद से सिलसिलेवार आंतकी हमले देखे जा रहे हैं, जब चत्तरगला दर्रे में आतंकवादी हमले में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इसके अगले दिन गंडोह में हुई गोलीबारी में भी एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था। इसके बाद 26 जून को जिले के गंडोह इलाके में दिन भर चले अभियान में तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया था, जबकि नौ जुलाई को घड़ी भगवा जंगल में एक और मुठभेड़ हुई थी। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक जम्मू प्रांत के छह जिलों में लगभग 12 आतंकवादी हमलों में 11 सुरक्षाकर्मियों, एक ग्राम रक्षा गार्ड और पांच आतंकवादियों सहित कुल 27 लोग मारे गए हैं। इन मृतकों में नौ जून को रियासी जिले के शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे सात तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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