Iranian Foreign Minister Calls Jaishankar: ईरान के विदेश मंत्री अराघची (Iran's Foreign Minister Araghchi) ने बुधवार यानी 29 अप्रैल को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (EAM S Jaishankar) को फोन मिलाया। बताते हैं इसमें पश्चिम एशिया तनाव पर चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों एक दूसरे के लगातार संपर्क में रहने पर भी सहमत हुए हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे लेकर ट्वीट किया- 'आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। हम एक-दूसरे के साथ लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए।'
ईरान अपने मित्र देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने में जुटा
बता दें कि ईरान और भारत के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत हुई। ध्यान रहे कि ईरान अपने मित्र देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने में जुटा है, वहीं अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ तीखी बयानबाजी भी लगातार जारी है। इस सबके बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर लंबी चर्चा की।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए बेहद जरूरी समुद्री मार्ग
दोनों नेताओं के बीच होर्मुज स्ट्रेट जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए एक अत्यंत जरूरी समुद्री मार्ग है, जहां गतिरोध बना हुआ है उसके मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। ऐसा सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर से चर्चा की। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद जयशंकर और अराघची के बीच पहले भी बातचीत हुई है।
इससे पहले भी विदेश मंत्री जयशंकर को अब्बास अराघची का फोन आया था
इससे पहले 5 अप्रैल को भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर को उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची का फ़ोन आया था। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया में तनाव पर चर्चा की थी। X पर एक पोस्ट में एस. जयशंकर ने कहा था, 'ईरान के विदेश मंत्री का फ़ोन आया। मौजूदा हालात पर चर्चा की।' भारत स्थित ईरानी दूतावास ने कहा था, 'ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।'
