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मुफ्त नहीं रहा UPI, 2,000 से अधिक के पेमेंट पर देना होगा शुल्क, सरकार ने जारी कर दिया नोटिफिकेशन

UPI MDR को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि UPI पेमेंट के नए नियमों में P2P ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे। ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR, बड़े पेमेंट पर ₹300 की अधिकतम सीमा और छोटे दुकानदारों को जीरो MDR की सुविधा मिलेगी।

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UPI payments

UPI 2,000 रुपये से अधिक के पेमेंट को लेकर तमाम तरह के बवाल के बाद अब सरकार ने अपना स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन पर किसी भी रकम के लिए कोई चार्ज नहीं लगेगा। वहीं, दुकानदार या मर्चेंट को किए जाने वाले ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर मामूली Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा यानी 0.4% चार्ज लगेगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद डिजिटल पेमेंट को किफायती और पारदर्शी बनाए रखना है। नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

P2P UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री रहेगा

सरकार ने Payment and Settlement Systems (PSS) Act, 2007 में संशोधन किया है। इसके तहत सरकार को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर चार्ज तय करने की शक्ति मिली है। 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन के तहत ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य रखा गया है।

हालांकि, सबसे अहम बात यह है कि P2P ट्रांजैक्शन पर रकम की कोई सीमा नहीं होगी। यानी आप किसी व्यक्ति को ₹500 भेजें या ₹1 लाख, UPI से पैसे भेजने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। P2P ट्रांजैक्शन UPI के कुल वॉल्यूम का करीब 37% और वैल्यू का लगभग 70% हैं।

₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR

नए नियमों के तहत केवल Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन, जिनकी रकम ₹2,000 से ज्यादा है, उन पर 0.4% MDR लगाया जाएगा यानी अगर आप 10 हजार रुपये का मर्चेंट पेमेंट करते हैं तो आपको 40 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह शुल्क पेमेंट सिस्टम में शामिल बैंकों और ऐप प्रोवाइडर्स जैसे पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा। ₹75,000 या उससे ज्यादा के बड़े ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा।

रेलवे, टेलीकॉम और फ्यूल सेक्टर के लिए ₹5 फ्लैट MDR

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे जरूरी सेक्टर में ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा। इन सेक्टरों की हिस्सेदारी UPI P2M वॉल्यूम में करीब 17% और मर्चेंट ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 46% है। वहीं, म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े पेमेंट पर सिर्फ 0.02% MDR, अधिकतम ₹300 तक, लागू होगा।

छोटे दुकानदारों को मिलेगी पूरी राहत

₹1 लाख तक की मासिक UPI QR रिसीट वाले छोटे व्यापारियों को P2PM कैटेगरी के तहत सभी ट्रांजैक्शन पर अनिवार्य रूप से जीरो MDR का लाभ मिलता रहेगा। सरकार के मुताबिक MDR लागू होने से केवल करीब 4% मर्चेंट ट्रांजैक्शन प्रभावित होंगे।

ग्राहकों से नहीं वसूला जा सकेगा अतिरिक्त चार्ज

UPI ऐप प्रोवाइडर्स को किसी तरह की प्लेटफॉर्म फीस या छिपा हुआ चार्ज लगाने की अनुमति नहीं होगी। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चेंट MDR का खर्च ग्राहक से UPI पेमेंट के नाम पर न वसूलें। व्यक्तिगत यूजर्स के लिए UPI इस्तेमाल पर कोई मासिक कोटा या ट्रांजैक्शन लिमिट नहीं होगी। बैंक और NPCI की ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की डेली लिमिट सिर्फ सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट के लिए है।

इसके अलावा, छोटे व्यापारियों के बीच UPI को बढ़ावा देने के लिए एक डेडिकेटेड फंड बनाया जाएगा। इसमें कुल MDR कलेक्शन का 5% योगदान दिया जाएगा, जिससे छोटे कारोबारियों के बीच डिजिटल पेमेंट को और बढ़ावा मिलेगा।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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