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Indore Water Contamination: '6 महीने से लोग पी रहे थे दूषित पानी...' इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के मामले पर खुलासा! -Video

Indore Water Contamination Update: इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत मामले पर खुलासा सामने आया है। इस मामले को लेकर भागीरथपुर के रहवासियों ने नगर निगम के साथ साथ CM हेल्प लाइन पर शिकायत की थी।

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इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के मामले पर खुलासा! (फोटो: canva)

Indore Water Contamination Death: इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के मामले पर बड़ा खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर भागीरथपुर के रहवासियों ने नगर निगम के साथ साथ CM हेल्प लाइन पर शिकायत की थी। 6 माह पहले भी इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने पाइप लाइन बदलने के लिए टेंडर जारी किए थे।

लेकिन सिस्टम की लापरवाही ऐसी थी की वो टेंडर आज तक स्वीकृत नहीं हुए। नगर निगम के अधिकारी पाइप लाइन के टेंडर में बड़ा भ्रष्टाचार करना चाहते थे, लिहाजा टेंडर किसी भी ठेकेदार को नहीं दिया गया।

आखिर टेंडर 6 माह से क्यों नहीं दिए गए?

इंदौर के मेयर ने निगम कमिश्नर को जांच के आदेश दिए की आखिर टेंडर 6 माह से क्यों नहीं दिए गए? 6 माह पहले ही पाइन लाइन बदल दी जाती तो आज किसी भी की मौत नहीं होती।

महिलाओं का गुस्सा कैलाश विजयवर्गीय पर फूट पड़ा

इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी ने मासूम जिंदगियां निगल लीं। अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। बीती रात ही 5 नए मरीज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। कई लोगों की हालत नाजुक है। इसी बीच दूषित पानी को लेकर कई महिलाओं का गुस्सा कैलाश विजयवर्गीय पर फूट पड़ा। मासूम की मौत पर मराठी मोहल्ले के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ी। लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जब पीड़ित परिवार से मिलने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा।

वो पीड़ित परिवार से मिलने जब मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तो कुछ महिलाओं ने रोककर शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत की जा रही थी,लेकिन कोई अधिकारी सुनने को नहीं है।

'डेढ़-दो साल से हम दूषित पानी को लेकर परेशान'

समाचार एजेंसी एएनआई से बातीचीत करते हुए महिलाओं ने कहा कि डेढ़-दो साल से हम दूषित पानी को लेकर परेशान हैं, लेकिन कोई अधिकारी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा। हम जब पार्षद से बात करते हैं तो वो कहते हैं कि मैं करवाता हूं, लेकिन कुछ काम नहीं होता।

बच्चे की मां साधना साहू ने बताया कि घर की सप्लाई के पानी में दूध मिलाकर पिलाने के बाद बच्चे को गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। इसके बाद उसे पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया। फिर बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

'जितनी भी पानी की शिकायत आती हैं उनको जल्द से जल्द ठीक करें'

वहीं कैलाश विजयवर्गी ने जहरीले पानी से मौत मामले पर कहा है कि अधिकारियों से कहा गया है जितनी भी पानी की शिकायत आती हैं उनको जल्द से जल्द ठीक करें, अभी मैं भागीरथपुर से आ रहा हूं और लगातार मरीज आये हैं। कल से परसों तक 200 लोग भर्ती थे उनमें से 40-50 लोग डिस्चार्ज हो गए और और 40-50 लोग आज डिस्चार्ज हो जायेंगे।

विजयवर्गी ने कहा कि 'डेंजर जोन में कोई नहीं है, हमारी प्राथमिकता है सभी को उचित इलाज मिले कुल मिलाकर ये बड़ा हादसा है हम सब लोग कैसे समस्या तक पहुंच सकते हैं और जड़ से समाप्त कर देंगे'

'60 प्रतिशत लाइन बदली जा चुकी है 40 प्रतिशत बदल जायेगी'

उन्होंने आगे कहा कि '60 प्रतिशत लाइन बदली जा चुकी है 40 प्रतिशत बदल जायेगी अभी सरकार का आंकड़ा 4 है, भगीरथपुर में आठ बता रहे हैं हम पता कर रहे हैं अगर उनकी मौत डायरिया से हुई होगी तो संख्या में शामिल किया जायेगा' वहीं वह कांग्रेस पर भी भड़के कहा- 'जब आपदा आती है सबको साथ में ही चलना चाहिए कांग्रेस को कहां राजनीती करनी है सोचना चाहिए'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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