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Indore Water Contamination Deaths: जिस मां ने खो दिया अपना बेटा, उसे सच बोलने से रोका! जानिए क्या है पूरा मामला

Indore Water Contamination Deaths: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से जान गंवाने वाले लोगों की तादाद को लेकर जारी विरोधाभास बृहस्पतिवार को भी कायम रहा।स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे के दम तोड़ने का दावा किया। इसी बीच जब मृतक की मां ने मीडिया से बात करने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका।

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इंदौर में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Indore Water Contamination Deaths: इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी ने कई मासूम जिंदगियां निगल लीं। अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। बीती रात ही 5 नए मरीज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। कई लोगों की हालत नाजुक है।

दूषित पेयजल के कारण सिर्फ 6 महीने के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रही हैं कि 10 साल की मिन्नतों और दुआओं के बाद उन्हें बेटा हुआ था, लेकिन अब वह हमेशा के लिए उनसे छिन गया।

मृतक की मां से मीडिया को बात करने से रोका गया

इसी बीच टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर ने जब उस मां से बात की जिसने अपना बच्चा खो दिया, तो उन्हें कैमरे पर बात करने से रोका गया। बताया जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गी के समर्थकों ने पीड़ित मां को मीडिया से बातचीत करने से रोका। एक तरफ जहां,शासन-प्रशासन की लापरवाही की वजह से कई बच्चों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी तरफ कैलाश विजयवर्गी के गुर्गों ने एक मृतक की मां को अपने दुख को बयां करने से रोका।

वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह इन नेताओं की असंवेदनशीलता दिखाई दे रही है। मृतक की मां बार-बार इस बात को दोहरा रही हैं कि उन्हें मीडिया से बात करनी है। वो बोल रही हैं कि जिम्मेदार लोगों तक उन्हें अपना आवाज पहुंचानी है।

इंदौर दूषित जल मामले में हाईकोर्ट का एक्शन

इस मामले पर इंदौर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी द्वारा दायर जनहित याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।

कोर्ट ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से मृतकों और वर्तमान स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। सरकार को यह रिपोर्ट 2 जनवरी तक न्यायालय में पेश करनी होगी।

कैसे हुआ ये हादसा?

अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला।

बता दें कि भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है। विजयवर्गीय ने संवाददाताओं को बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए जिनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है और स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है।

विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा,‘‘मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, पर यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है। हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे और इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।’’

मुख्य सचिव संजय दुबे ने क्षेत्र का किया दौरा

इस बीच, राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने स्थानीय अफसरों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा करके हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पेयजल की आपूर्ति की पाइपलाइन के लीकेज को दुरुस्त करने के बाद भागीरथपुरा में बृहस्पतिवार को जलप्रदाय किया गया और घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।

मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी के अनुसार, फिलहाल 192 मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिनमें से 26 मरीजों को एहतियातन आईसीयू में रखा गया है, हालांकि सभी की हालत स्थिर है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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