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दुश्मन ना करे 'छोटा ड्रोन' समझने की गलती, तबाही 100 KM तक बिना रुके ताबड़तोड़ होगी...पोखरण में भारत का आधुनिक युद्ध का सामान तैयार

Vayu Astra-1 indigenous drone: डिफेंस कंपनी के बयान में आगे कहा गया, इस सिस्टम ने एक ही कोशिश में 100 km की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को भेद दिया। इसकी 'सर्कुलर एरर प्रोबेबल' एक मीटर से भी कम रही।

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दुश्मन ना करे 'छोटा ड्रोन' समझने की गलती, तबाही 100 KM तक बिना रुके ताबड़तोड़ होगी...पोखरण में भारत का आधुनिक युद्ध का सामान तैयार

Vayu Astra-1: पुणे की डिफेंस कंपनी Nibe Limited ने बताया है कि उसने राजस्थान के पोखरण और उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में हुए ट्रायल के दौरान, अपनी 100 km रेंज वाली लोइटरिंग मुनिशन 'वायु अस्त्र' (Vayu Astra) का 'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' (NCNC) डेमो सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

एक बयान में कंपनी ने कहा कि ये डेमो 18 और 19 अप्रैल को पोखरण में, और 26 और 27 अप्रैल को जोशीमठ (मलारी) में किए गए। वायु अस्त्र-1 ((Vayu Astra- 1) लोइटरिंग मुनिशन (एंटी-पर्सनल वेरिएंट) ने राजस्थान के पोखरण रेंज में अपना पहला NCNC डेमो सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें इसने 10 kg का वॉरहेड (विस्फोटक) ले जाकर निशाना साधा।

'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' का मतलब?

रक्षा मंत्रालय द्वारा पूंजीगत खरीद के लिए, प्रोडक्ट के ट्रायल खरीदार द्वारा 'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' (NCNC) आधार पर किए जाते हैं; इसका मतलब है कि सरकार न तो इन ट्रायल के लिए कोई भुगतान करती है और न ही बाद में उन प्रोडक्ट को खरीदने का कोई वादा करती है।

डिफेंस कंपनी के बयान में आगे कहा गया कि इस सिस्टम ने एक ही कोशिश में 100 km की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को भेद दिया। इस दौरान इसकी 'सर्कुलर एरर प्रोबेबल' (CEP) एक मीटर से भी कम रही।

साथ ही, इसने हमले को बीच में रोकने (abort-attack) और दोबारा हमला करने (re-attack) की अपनी क्षमता का भी प्रदर्शन किया।

बयान में यह भी बताया गया कि 'यह LM (लोइटरिंग मुनिशन) एक इजरायली लोइटरिंग मुनिशन पर आधारित है।'

रात के अंधेरे में लक्ष्यों को भेद डाला

कंपनी ने आगे दावा किया कि एंटी-आर्मर (एंटी-टैंक) नाइट स्ट्राइक ट्रायल के दौरान, इस सिस्टम ने इन्फ्रारेड (IR) कैमरे का इस्तेमाल करते हुए लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया और एक ही कोशिश में 2 मीटर के CEP के भीतर सटीक वार किया। कंपनी ने यह भी बताया कि ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (GCS) से 70 km की दूरी पर स्थित 'फॉरवर्ड कंट्रोल सेगमेंट' को नियंत्रण सौंपने की क्षमता का भी सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।

उत्तराखंड में 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर मिशन पूरा

इसके अलावा, उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में हुए ट्रायल के दौरान, वायु अस्त्र-1 लोइटरिंग मुनिशन की 'हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस' (ऊंचाई पर टिके रहने की क्षमता) का परीक्षण किया गया। बताया गया है कि इसने 90 मिनट से भी ज़्यादा समय तक उड़ान भरी और 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर अपने मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए।

कंपनी ने आगे बताया कि इस सिस्टम ने मिशन पूरा होने के बाद, अगली उड़ानों के लिए वापस लौटने (रिकवरी) की क्षमता का भी प्रदर्शन किया। बता दें कि इससे पहले, 20 मई को पुणे की इस डिफेंस कंपनी ने अपने 'सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम' के सफल परीक्षण की घोषणा की थी।

निबे ग्रुप ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि ओडिशा के चांदीपुर में इंटरिम टेस्ट रेंज (ITR) में 18 और 19 मई को किए गए लगातार परीक्षणों ने सभी मिशन उद्देश्यों को असाधारण सटीकता के साथ पूरा किया।

ये सफल परीक्षण, जनवरी 2026 में भारतीय सेना की 'आपातकालीन खरीद' (Emergency Procurement) विंडो के तहत निबे लिमिटेड को दिए गए एक महत्वपूर्ण खरीद आदेश के ठीक बाद हुए हैं। इस अनुबंध ने 'सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर' के विकास और आपूर्ति की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया, जिसके साथ ही 150 किमी और 300 किमी की मारक क्षमता वाले विशेष रॉकेट भी शामिल थे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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