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'ऐ लड़की Vodka पीकर मैसेज करती है क्या...' महिला कांग्रेस नेता ने IYC अध्यक्ष Srinivas BV पर लगाए गंभीर आरोप

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 19, 2023, 08:19 AM IST

Congress: असम यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अंकिता दत्ता ने श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, इसकी शिकायत आलाकमान से की गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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असम यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अंकिता दत्ता (स्क्रीनग्रैब)

Photo : ANI

Srinivas BV: महिला कांग्रेस नेता और असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष अंकिता दत्ता ने IYC प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी और सचिव वर्धन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बीते कई महीनों से दोनों मुझे परेशान कर रहें हैं और गलत तरीके से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मैंने इसकी शिकायत पार्टी आलाकमान को भी की है, लेकिन अभी तक न ही इस मामले में कोई कार्रवाई की गई और न कोई जांच समिति बनी है।

महिला कांग्रेस नेता अंकिता दत्ता ने कहा, श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते हैं। वह यह नहीं जानते कि एक महिला से किस तरह बात की जाती है। उन्होंने आगे कहा, ऐसे लोगों ने पार्टी और राज्य की राजनीति को बर्बाद करके रख दिया है।

रायपुर अधिवेशन में भी गलत तरीके से की बात अंकिता दत्ता ने एक इंटरव्यू में बताया कि रायपुर अधिवेशन के दौरान श्रीनिवास बीवी मेरे पास आए और मुझसे बोले कि ऐ लड़की...तुम वोदका पीकर मैसेज करती हो क्या। उन्होंने कहा, यह सुनकर मैं हैरान रह गई। इसकी शिकायत भी पार्टी के वरिष्ठ लोगों से की कि इस आमदी ने मुझसे इस तरह बात की है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ट्विटर पर साझा किया स्क्रीनशॉट

अंकिता दत्ता ने ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि वर्धन यादव और श्रीनिवास बीवी इस तरह के पोस्टर बनाकर मुझे परेशान कर रहे हैं। ये लोग मुझे पार्टी से बाहर करना चाहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि मेरी चार पीढ़ियां कांग्रेस से जुड़ी रही हैं, लेकिन आज तक सीबीआई और ईडी अब तक मुझे डरा नहीं पाई हैं।

छह महीने से अकेले लड़ रही हूं

अंकिता दत्ता ने कहा, श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव बार-बार कहते हैं कि ये लड़की बदनाम हो चुकी है। उन्होंने कहा, मैं बीते अगस्त से यह यह झेल रही हूं और मैं और मेरा परिवार इन लोगों से अकेला लड़ रहा है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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