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Railway News: रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भारतीय रेलवे की सख्त कार्रवाई

Railway Property: रेलवे यात्रियों और आम जनता से रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील, रेलवे एक राष्ट्रीय संपत्ति है, इसे क्षति पहुंचाना अवैध है रेल मंत्रालय ने कहा।

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रेलवे यात्रियों और आम जनता से रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील

Railway Property: मधुबनी रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की एसी कोच को नुकसान पहुंचाने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं सहित धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया है,जिसमें रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने पर 5 साल तक की सजा का प्रावधान है।

बता दे कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मधुबनी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12561 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (जयनगर-नई दिल्ली) की एसी कोच की 73 शीशे की खिड़कियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। मधुबनी रेलवे स्टेशन पर RPF या GRP की पोस्ट न होने का फायदा उठाकर उपद्रवी मौके से फरार हो गए।

इस घटना के जवाब में, पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ पोस्ट दरभंगा में अपराध संख्या 168/2025 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 145(बी), 146, 153 और 174(ए) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों की पहचान कर उन्हें न्याय के दायरे में लाने के लिए RPF की एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान, विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य स्रोतों की मदद से आरोपियों की पहचान की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इस मामले में आगे की जांच जारी है ताकि अन्य दोषियों को भी पकड़ा जा सके।

रेलवे का बयान सामने आया है कि रेलवे सुरक्षा बल ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।रेलवे संपत्ति एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसे क्षति पहुंचाना कानूनन अपराध है। रेलवे सुरक्षा बल ने राज्य सरकार और जीआरपी अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे अवसंरचना की रक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की है।

रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने संकल्प के साथ, RPF उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा जो रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गैरकानूनी कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं।रेलवे जनता से अपील करते हैं कि वे किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हों और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्यों से बचें।

रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 153 के तहत, यदि कोई व्यक्ति रेलवे यात्री की सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो उसे पांच साल तक की कैद की सजा हो सकती है। इसमें रेलवे के रोलिंग स्टॉक को बाधित करना या बाधित करने का प्रयास करना भी शामिल है। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 174(ए) के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी ट्रेन या अन्य रेलवे रोलिंग स्टॉक को बाधित करता है, तो उसे दो साल तक की कैद, दो हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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