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गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, ऊर्जा आपूर्ति की समस्याओं से निपटने के लिए केरोसिन के नियमों में दी ढील

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में पर पड़े असर को देखते हुए भारत सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने केरोसिन की सप्लाई आसान बनाने के लिए नियमों में ढील दी है।

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सरकार ने केरोसिन के नियमों में दी ढील (फोटो साभार: AI)

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में पर पड़े असर को देखते हुए भारत सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने केरोसिन (मिट्टी तेल) की सप्लाई आसान बनाने के लिए नियमों में ढील दी है।

सरकार ने उठाया बड़ा कदम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों को आसान बनाया जा रहा है, ताकि केरोसिन की सप्लाई तेज़ी से की जा सके। सरकार के अनुसार, इन नए प्रावधानों के तहत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों तक केरोसिन की अस्थायी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसका उपयोग खासतौर पर खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाएगा।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है और आम लोगों तक वैकल्पिक ईंधन पहुंचाना जरूरी हो गया है।

कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार

इससे पहले, पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान में बताया था कि देश में रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरे देश में पर्याप्त है और पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

मंत्रालय ने बताया था कि कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी की, जिससे कुछ पेट्रोल पंप पर भीड़ और बिक्री में अचानक बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, देश के सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। साथ ही डीजल और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात पर शुल्क भी लगाया गया है।

अतिरिक्त LPG की हो रही व्यवस्था

गैस क्षेत्र में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। पाइप से मिलने वाली गैस (PNG) और सीएनजी के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि उद्योगों को उनकी सामान्य जरूरत का करीब 80 प्रतिशत गैस मिल रही है। उर्वरक कारखानों को 70-75 प्रतिशत गैस दी जा रही है और अतिरिक्त एलएनजी की व्यवस्था भी की जा रही है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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