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जलवायु संकट पर भारत हमेशा से ही समाधान का हिस्सा रहा है, समस्या का नहीं- India Climate Summit में बोले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

इंडिया क्लाइमेट समिट में टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से बात करते हुए केंद्रीय पर्यवरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वैश्विक तापमान में मौजूदा वृद्धि मुख्य रूप से विकसित देशों द्वारा ऐतिहासिक कार्बन उत्सर्जन के कारण है।

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इंडिया क्लाइमेट समिट में नाविका कुमार से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

टाइम्स नेटवर्क के इंडिया क्लाइमेट समिट में बात करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कार्बन उत्सर्जन के लिए विकसित देशों को जिम्मेदार ठहराया। टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से बात करते हुए भूपेंद्र यादव ने भारत के जलवायु ट्रैक रिकॉर्ड का दृढ़ता से बचाव करते हुए कहा कि वैश्विक जलवायु संकट के मामले में देश हमेशा से ही समाधान का हिस्सा रहा है, समस्या का नहीं।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि वैश्विक तापमान में मौजूदा वृद्धि मुख्य रूप से विकसित देशों द्वारा ऐतिहासिक कार्बन उत्सर्जन के कारण है। उन्होंने कहा- "विकसित देशों ने अपने औद्योगिक विकास और उपभोग-भरी जीवनशैली के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में सबसे अधिक योगदान दिया है। उनकी प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत सबसे अधिक बनी हुई है, जो जलवायु संकट को बढ़ावा दे रही है।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन विकसित देशों को अब आगे आकर विकासशील देशों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस सुनिश्चित करके और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाकर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1.4 बिलियन की आबादी वाले भारत ने पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था दोनों को प्राथमिकता देते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।

ऊर्जा उपयोग और जीवनशैली सुधारों, जैसे एयर कंडीशनर के तापमान को नियंत्रित करने के मुद्दे पर, यादव ने कहा कि ऐसे परिवर्तन धीरे-धीरे प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा, "हमें ऊर्जा तक पहुंच और स्थिरता को संतुलित करना चाहिए। यही सीबीडीआर (साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियां) का सिद्धांत है, जो हमारी जलवायु प्रतिबद्धताओं का मार्गदर्शन करता है।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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