'पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं, हमें उनकी विचारधारा से लड़ना होगा', बोले IMUL नेता

Popular Front of India: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर निशाना साधते हुए मुनीर ने आरोप लगाया कि पार्टी की पीएफआई के साथ "समझ" है और इसे विधानसभा चुनावों के दौरान संगठन से समर्थन मिला। मुनीर ने कहा कि हम शुरू से ही इस बात को दोहराते रहे हैं कि पीएफआई जैसे संगठनों को वैध नहीं किया जाना चाहिए। हमने कई बार सीपीएम को बताया। ये सीपीएम है जिसका एराट्टुपेट्टा और फिर थालास्सेरी में पीएफआई के साथ राजनीतिक गठबंधन है।

टाइम्स नाउ नवभारत

Updated Sep 27, 2022 | 06:42 PM IST

pfi

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया।

तस्वीर साभार : ANI
मुख्य बातें

  1. पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना कोई समाधान नहीं- आईयूएमल नेता
  2. पीएफआई की विचारधारा से लड़ने और उन्हें बेनकाब करने में सक्षम होना चाहिए- आईयूएमल नेता
  3. एनआईए समेत कई एजेंसियों ने देशभर से सैकड़ों पीएफआई कार्यकर्ताओं को किया है गिरफ्तार

Popular Front of India: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (Indian Union Muslim League) के नेता एमके मुनीर ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बीच कहा कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना कोई समाधान नहीं है। इसके अलावा मुनीर ने कहा कि उनकी विचारधारा से लड़ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि चरमपंथी संगठन फिर से नहीं उठें।

पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना कोई समाधान नहीं- आईयूएमल नेता

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) समेत दूसरी जांच एजेंसियों ने देशभर से सैकड़ों पीएफआई (PFI) कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। केंद्र सरकार गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 35 के तहत पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है, इस पर मुनीर ने कहा कि पीएफआई को वैधता न देकर सामाजिक बहिष्कार और दरकिनार करना आगे का रास्ता है। साथ ही कहा कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना कोई समाधान नहीं है

'पीएफआई की विचारधारा से लड़ने और उन्हें बेनकाब करने में सक्षम होना चाहिए'

उन्होंने कहा कि हम नहीं मानते कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना एक समाधान है। हमें उनकी विचारधारा से लड़ने और उन्हें बेनकाब करने में सक्षम होना चाहिए। प्रतिबंध लगाना कोई स्थायी समाधान नहीं है। अगर ऐसा था, जब आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया गया था, तो इसने उन्हें फिर से काम करने से नहीं रोका। ऐसे में ऐसे संगठनों का सामाजिक बहिष्कार करना ही एकमात्र विकल्प है। साथ ही कहा कि इन समूहों को कहीं भी वैधता नहीं मिलनी चाहिए।
वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर निशाना साधते हुए मुनीर ने आरोप लगाया कि पार्टी की पीएफआई के साथ "समझ" है और इसे विधानसभा चुनावों के दौरान संगठन से समर्थन मिला। मुनीर ने कहा कि हम शुरू से ही इस बात को दोहराते रहे हैं कि पीएफआई जैसे संगठनों को वैध नहीं किया जाना चाहिए। हमने कई बार सीपीएम को बताया। ये सीपीएम है जिसका एराट्टुपेट्टा और फिर थालास्सेरी में पीएफआई के साथ राजनीतिक गठबंधन है।
लेटेस्ट न्यूज

Petrol-Diesel Rate: 6 महीने बाद क्या बदल गई पेट्रोल-डीजल की कीमत? अभी कर लें चेक

Petrol-Diesel Rate 6      -

Gambhir Bimari Sahayata Yojana: गंभीर बीमारी के इलाज में मदद करती है यूपी सरकार, जानें कैसे करना है आवेदन

Gambhir Bimari Sahayata Yojana

राहत की खबर! दिल्ली AIIMS का सर्वर हुआ बहाल, लेकिन अभी मैनुअल मोड पर चलेंगी सभी सेवाएं

    AIIMS

Drishyam 2 BO Early Estimate Day 12: अजय देवगन स्टारर ने 12 दिनों में किया 150 करोड़ का आंकड़ा पार, जानें फिल्म की पूरी कमाई

Drishyam 2 BO Early Estimate Day 12     12    150

Raveena Tandon: जंगल सफारी करना रवीना टंडन को पड़ा भारी! 'टाइगर' के साथ वीडियो पर अब होगी जांच?

Raveena Tandon

BPSC 67वीं PT रिजल्ट पर बवाल, धरने पर बैठे अभ्यर्थी, प्रतिपक्ष नेता विजय कुमार सिन्हा की CBI जांच की मांग

BPSC 67 PT              CBI

Gujarat assembly election: सूरत की 16 विधानसभाएं BJP के लिए क्यों हैं अहम

Gujarat assembly election   16  BJP

Prabhas के साथ रिश्तों पर कृति सेनन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- शादी की डेट फिक्स हो..'

Prabhas          -
आर्टिकल की समाप्ति

© 2022 Bennett, Coleman & Company Limited