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खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते तो फिर पाक के साथ क्रिकेट क्यों- लोकसभा में औवेसी ने सरकार को घेरा

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को लोकसभा में सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए उसे जवाबदेही तय करनी होगी।

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लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए ओवैसी (फोटो- संसद टीवी)

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के फैसले पर जमकर हमला संभाला। औवैसी ने कहा कि जब हम पाकिस्तान के खिलाफ सख्ती बरत रहे हैं, पानी रोक रहे हैं, ट्रेड रोक चुके हैं, तो फिर क्रिकेट कैसे खेलने की तैयारी कर रहे हैं।

क्रिकेट खेलने के फैसले पर सरकार पर बरसे ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को लोकसभा में सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए उसे जवाबदेही तय करनी होगी। इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, आतंकवाद एवं बातचीत भी साथ-साथ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार भी पूरी तरह से बंद है और इस स्थिति में दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच के लिए कैसे अनुमति दी जा सकती है? उन्होंने कहा कि उनका जमीर नहीं गंवारा करता कि वह उस क्रिकेट मैच को देखें।

पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी-ओवैसी

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में विशेष चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा , ‘‘जम्मू कश्मीर में साढ़े सात लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और ऐसे में चार चूहे (आतंकवादी) कैसे आ गए और हमारे लोगों की जान ले ली।’’ उन्होंने कहा कि अगर उपराज्यपाल की जवाबदेही बनती है तो उन्हें हटाया जाना चाहिए, अगर खुफिया ब्यूरो (आईबी) या पुलिस की जवाबदेही बनती है तो कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह सोच रही है कि ऑपरेशन सिंदूर से लोग यह विषय भूल जाएंगे तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संविधान का अनुच्छेद 370 हटा दिया और जम्मू कश्मीर को राज्य से केंद्रशासित प्रदेश बना दिया लेकिन इसके बाद भी वहां आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं, इससे पता लगता है कि सरकार की नीति नाकाम हो रही है।

ट्रंप के दावे पर औवेसी ने पूछे सवाल

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार भारत एक संप्रभु देश है जिसका अर्थ है कि भारत अपने फैसले खुद करेगा लेकिन संघर्ष विराम की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने की। उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा घोषणा किए जाने का भारतीय सशस्त्र बलों पर क्या असर होगा, सरकार को सोचना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि भारत अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का खंडन भी नहीं कर रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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