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IETE गवर्निंग काउंसिल ने प्रसार भारती के पूर्व ADG सुनील को 2025-26 के लिए दोबारा अध्यक्ष निर्वाचित किया

सुनील ने भारत के पहले डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्लेटफॉर्म की योजना और क्रियान्वयन और निजी प्रसारकों के एकीकरण की प्रक्रिया में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई, जिससे डीडी फ्री डिश की पहुंच 5.8 करोड़ घरों तक सुनिश्चित हुई।

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प्रसार भारती के पूर्व ADG सुनील दोबारा IETE अध्यक्ष निर्वाचित

IETE Governing Council: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स की प्रमुख संस्था आईईटीई (IETE) ने प्रसार भारती के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक सुनील को वर्ष 2025-26 के लिए लगातार दूसरे कार्यकाल हेतु दोबारा अपना अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने की घोषणा की है। चुनाव परिणाम 16 जून 2025 को घोषित किए गए। सुनील पूर्व में भी आईईटीई के अध्यक्ष एवं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रह चुके हैं। उनका नेतृत्व और व्यापक अनुभव संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित होगा।

35 वर्षों से अधिक के अपने उत्कृष्ट करियर में सुनील ने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के टेक्नोलॉजी, वैश्विक संपर्क, मार्केटिंग, वितरण, केंद्रीय अभिलेखागार और बाह्य सेवा प्रभागों का नेतृत्व किया है। भारत के पहले डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्लेटफॉर्म की योजना और क्रियान्वयन और निजी प्रसारकों के एकीकरण की प्रक्रिया में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई, जिससे डीडी फ्री डिश की पहुंच 5.8 करोड़ घरों तक सुनिश्चित हुई। उनके प्रयासों से भारतीय प्रसारण क्षेत्र को देश और विदेशों में नई पहचान मिली।

पुरस्कार और सम्मान

सुनील को 2016 में आईईटीई एस. एन. मित्रा मेमोरियल अवॉर्ड और 2018 में एशिया-पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन (ABU) द्वारा ब्रॉडकास्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदान किया गया। वे वर्तमान में ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया (BES) के अध्यक्ष, एशिया-पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन के तकनीकी ब्यूरो के उपाध्यक्ष और ब्रिटेन की एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल ब्रॉडकास्टर्स (AIB) और मलेशिया स्थित एबीयू के अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडलों के सदस्य रह चुके हैं।

IETE की भूमिका और विरासत

वर्ष 1953 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा उद्घाटित IETE, देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रही है। इसे भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (SIRO) और राष्ट्रीय महत्ता की शैक्षणिक संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। आईईटीई के 1,40,000 से अधिक सदस्य भारत और विदेशों में फैले हैं, जो तकनीकी नवाचार और प्रगति के लिए समर्पित हैं।

देश भर में 63 केंद्रों के माध्यम से कार्यरत

आईईटीई का संचालन इसके गवर्निंग काउंसिल द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष करते हैं। यह देश भर में 63 केंद्रों के माध्यम से कार्यरत है, जिनमें काठमांडू (नेपाल) और पर्थ (ऑस्ट्रेलिया) में भी केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र का नेतृत्व एक निर्वाचित कार्यकारिणी समिति करती है। दोबारा अध्यक्ष नियुक्ति के बाद सुनील ने कहा कि वे IETE के उद्देश्यों को और अधिक विस्तार देने, तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने और संस्था की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व संस्था को प्रगति के नए शिखरों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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