स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ने वेल्स के खिलाफ पूल डी के अपने पहले मुकाबले में 3-1 से शानदार जीत दर्ज की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। अब सोमवार को टीम इंडिया की अग्नि परीक्षा होगी, जब वह इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगी। हॉकी विश्व कप में पिछले 32 साल से भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ जीत नहीं दर्ज कर पाई है। इस बार हॉकी इंडिया की निगाहें जीत के सूखे को खत्म करने पर होगी।
इंडिया ने जहां अपने पहले मुकाबले में वेल्स को हराया है तो वहीं, इंग्लैंड ने पहले मैच में पाकिस्तान को 4-1 से शिकस्त दी है। ऐसे में पूल D में टॉप-2 में जगह बनाए रखने के लिए भारत और इंग्लैंड के बीच एक अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए इस मैच का नतीजा नॉकआउट स्टेज तक पहुंचने के उनके रास्ते पर बड़ा असर डाल सकता है।
दोनों टीमों के पास अच्छा अनुभव
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अपनी तैयारियों को परखने के लिये स्विटजरलैंड में तीन दिन के बूट कैम्प के अनुभव का इस्तेमाल भारत को इस मैच में करना पड़ेगा। इंग्लैंड की टीम मोंशेंग्लाबाख में 2006 से पिछले पांच विश्व कप में अंतिम पांच में रही है। विश्व कप क्वालीफायर में उसने जापान (5-0), मेजबान मिस्र (3-0) और अमेरिका (5 -0) को हराने के बाद मलेशिया को 7-1 और पाकिस्तान को 4-1 से हराया।
32 साल से नहीं जीता है भारत
विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है और आखिरी बार उसे 1994 में सिडनी में पांचवें-छठे स्थान के मुकाबले में एक गोल से जीत मिली थी। इसके बाद 1998 में यूट्रेक्ट में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ, लेकिन अगले तीन विश्व कप (2002, 2006 और 2010) में इंग्लैंड ने भारत को 3-2 के अंतर से हराया।
भुवनेश्वर में 2018 में दोनों टीमों की टक्कर नहीं हुई और 2023 में पिछले विश्व कप में दोनों ने गोलरहित ड्रॉ खेला था। पूल डी में इसी मैच से पहले और दूसरे स्थान की टीम का निर्धारण हो सकता है। भारत को इसके बाद पाकिस्तान से 19 अगस्त को खेलना है।
