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IAF C-130 J: रात के अंधेरे में वायुसेना ने करगिल में कर दिखाया ऐसा कारनामा, चीन-पाकिस्तान के होश उड़े

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 7, 2024, 06:55 PM IST

IAF C-130 J: भारतीय वायुसेना का सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान पहली बार नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक ऊंचाई वाले करगिल एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर रात में सफलतापूर्वक उतरा।

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सी-130जे परिवहन विमान एलओसी के पास रात में उतरा (फोटो-IAF)

IAF C-130 J: भारतीय वायुसेना ने करगिल में एक ऐसे कारनामे को अंजाम दिया है, जिससे दुश्मन के हौंसले पस्त हो जाएंगे। भारतीय वायुसेना ने रात के अंधेरे में करगिल स्ट्रिप पर सबसे कम लाइट में अपना सैनिकों से लैस सबसे बड़े सैन्य परिवहन विमान को उतारने में सफलता पाई है। वायुसेना की ओर से इसका एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें पूरा ऑपरेशन दिखाा गया है। वायुसेना की इस सफलता के बाद से इतना तो तय है कि पाकिस्तान और चीन दोनों के होश उड़ चुके होंगे।

हरक्यूलिस परिवहन विमान उतरा

भारतीय वायुसेना का सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान पहली बार नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक ऊंचाई वाले करगिल एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर रात में सफलतापूर्वक उतरा। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में करगिल हवाई पट्टी पर सामरिक परिवहन विमान को रात के समय उतारा जाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।

गरुड़ कमांडो सवार

इस विमान पर गरुड़ कमांडो सवार थे। गरुड़ कमांडो वायुसेना का सबसे खतरनाक दस्ता है, जो हर ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है। वायुसेना के विमान पहले भी एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड से उड़ान भर चुके हैं, लेकिन यह पहली बार था कि कोई परिवहन विमान रात में इस हवाई पट्टी पर उतरा। वायुसेना ने एक्स पर कहा कि पहली बार, आईएएफ सी-130जे विमान ने हाल में करगिल हवाई पट्टी पर रात में लैंडिंग की है।

10,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित

करगिल हवाई पट्टी लगभग 10,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। रक्षा मंत्रालय परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) सहित वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटी लगभग सभी हवाई पट्टियों में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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