केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आठ सालों (बीते) में जितना सड़क निर्माण में काम हुआ है...मैं दावे से कह सकता हूं पिछले 65-66 साल में इतना कार्य न हुआ होगा। मुझे लगता है कि साल 2024 के अंत होने से पहले भारत का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा।
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की ओर से हिमाचल प्रदेश और गुजरात में फ्रीबी देने की घोषणा के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जिनको कभी केंद्र की सत्ता में आने की संभावना नहीं होती है, वे कुछ भी वादे कर सकते हैं। घोषणा और वादे करने से कुछ फर्क नहीं पड़ता। भाजपा जो कहती है वह कर के दिखाती है।"
"एक करोड़ लोगों को अमानवीय काम से बाहर निकाला"
बकौल गडकरी, "लोगों को लगता है कि मैंने सबसे अच्छा काम टनल, एक्सप्रेस-वे बनाकर किया है। लेकिन इस देश में एक करोड़ लोग साइकिल रिक्शा से आदमी ढोने का काम करते थे, जो अमानवीय था। हम यंत्रीकृत संचालित ई-रिक्शा और ई-कार्ट लाए और इन लोगों को इस शोषण से मुक्त किया।"
दम घोंटती दिल्ली के पल्यूशन पर कही यह बात
दिल्ली प्रदूषण पर वह बोले- हम दिल्ली के आस-पास 60,000 करोड़ रुपए की सड़क बना रहे हैं जिससे ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी। मैं ग्रीन हाइड्रोजन की गाड़ी में घूमकर उसका प्रचार करता हूं। हम लोगों को इलेक्ट्रीक AC बसों में घुमाकर किराए में 20-30% तक की कमी कर सकते हैं।
सड़क हादसों को लेकर क्या बोले मंत्री?
गडकरी के अनुसार, हमारे यहां पांच लाख सड़क हादसे हुए। इनमें अधिकतर 18-34 साल के पीड़ित थे। हमने इन्हें कम करने की दिशा में अपना सर्वोच्च दे रहे हैं, पर मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। लोगों को शिक्षित होना पड़ेगा और हम सड़क इंजीनियरिंग पर फोकस कर रहे हैं। साथ ही इमरजेंसी सेवाओं की ओर भी ध्यान दे रहे हैं। लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए, पर एक अहम समस्या है कि कुछ लोगों में कानून का बिल्कुल भी डर नहीं है। हम सड़क हादसों को 50 फीसदी तक कम करना चाहते हैं।
मनमोहन की तारीफ कर कही यह बात
गडकरी ने आर्थिक सुधारों के जरिए देश को नई दिशा देने के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की मंगलवार को तारीफ की। पोर्टल ‘टैक्सइंडियाऑनलाइन’ की तरफ से आयोजित ‘टीआईओएल पुरस्कार 2022’ समारोह में कहा कि इसके लिए देश उनका ऋणी है। गडकरी ने मनमोहन की नीतियों से 90 के दशक में महाराष्ट्र की सड़कों के लिए पैसे जुटाने में मिली मदद का भी जिक्र किया। बोले कि सिंह की तरफ से शुरू किए गए आर्थिक सुधारों की वजह से वह महाराष्ट्र का मंत्री रहने के दौरान इन सड़क परियोजनाओं के लिए धन जुटा पाए थे।
